भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से कांग्रेस में आए बृजेंद्र सिंह इन दिनों पूरे हरियाणा में सद्भाव यात्रा निकाल रहे हैं। कांग्रेस के अन्य गुटों के नेताओं ने इससे दूरी बना रखी है और हरियाणा कांग्रेस को भी इसका समर्थन नहीं मिला है। माना जा रहा है कि यह बृजेंद्र सिंह की ओर से खुद को स्थापित करने और कांग्रेस का चेहरा बनाने की कोशिश है। उनके समर्थक कई बार नारे भी लगाते हैं जिसमें बृजेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाने की लालसा छिपी होती है। अब इसी नारेबाजी पर बृजेंद्र सिंह के पिता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह ने टोका है और कहा है कि ऐसे नारे नहीं लगाने चाहिए। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने अपने बेटे और उनके समर्थकों को नसीहत देते हुए कहा कि अगर ऐसे मुख्यमंत्री बनते तो वह खुद 4 बार बन गए होते।

 

 अक्तूबर 2025 में शुरू की गई यह 'सद्भाव यात्रा' पूरे हरियाणा में जाएगी। भले ही अन्य कांग्रेसी नेता बृजेंद्र सिंह के साथ न आ रहे हों लेकिन यह यात्रा जारी है। हरियाणा के 22 जिलों की सभी 90 विधानसभाओं में जा रही इस यात्रा के लिए 200 से ज्यादा दिन यानी 6 महीने से ज्यादा का समय भी रखा गया है। एकदम राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' की तर्ज पर लोगों से मिल रहे बृजेंद्र सिंह अपनी लिए हरियाणा में संभावनाएं देख रहे हैं और अब यही बात उनके पिता की जुबान पर भी आ गई है।

 

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क्या बोले चौधरी बीरेंद्र सिंह?

 

एक वायरल वीडियो में चौधरी बीरेंद्र सिंह अपने समर्थकों से कह रहे हैं, 'आप बुरा मत मानो इस बात का और बृजेंद्र सिंह को भी नहीं मानना चाहिए। ये नारे लगाना छोड़ दो कि अगला मुख्यमंत्री बृजेंद्र सिंह। यह नुकसान करता है, फायदा नहीं करता। आप को मैं समझाऊं तो आप समझोगे नहीं क्योंकि आपको तो नंबर बढ़ाने हैं। आप नंबर बढ़ाओगे तो वहां नंबर कम होंगे। कम से कम सीख लो यार। इसको एक मजबूत कांग्रेसी नेता के रूर में आप उभारो।'

 

 

 

 

उन्होंने आगे कहा, 'आपकी यात्रा से वह उस दिशा में चल पड़ा है लेकिन अपने शब्दों, अपनी जुबान से उभरते हुए को ब्रैंड नहीं करनी चाहिए। मैं इसलिए कह रहा हूं कि जो अच्छा करेगा, वे चीजें दिल में बैठ जाती हैं। ये चीजें बताने की नहीं, ये जिंदाबाद, फलाना से सीएम बनता तो मैं तो चार बार बन लेता। हां, थोड़ा बहुत अपने शब्दों में नियंत्रण रखो या फिर ऐसे बोल दो कि किसी को समझ ही ना। जैसे पंडित जी फेरे करवाते हैं।'

 

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कौन हैं बृजेंद्र सिंह?

 

हरियाणा के कद्दावर नेताओं में से एक बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह पूर्व में आईएएस अधिकारी रहे हैं। बीरेंद्र सिंह जब बीजेपी में थे, तभी बृजेंद्र सिंह ने IAS से इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी में शामिल होकर साल 2019 में हरियाणा की हिसार लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे। अपना पहला चुनाव लड़ रहे बृजेंद्र सिंह ने दुष्यंत चौटाला को हिसार से हरा दिया था और पहली बार में ही लोकसभा सांसद बन गए थे। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे और लोकसभा सदस्यता भी छोड़ दी थी।

 

कांग्रेस ने उनके बजाय जय प्रकाश को यहां से चुनाव लड़ाया और वह दुष्यंत चौटाला की मां यानी नैना सिंह चौटाला, सुनैना चौटाला और रणजीत सिंह चौटाला को चुनाव हराकर लोकसभा सांसद बन गए। 2024 में कांग्रेस ने उन्हें हरियाणा लोकसभा और जींद जिले की उचाना कलां विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। यह वही सीट है जहां से चौधरी बीरेंद्र सिंह 4 बार विधायक रहे हैं। इसी सीट से दुष्यंत चौटाला भी चुनाव लड़े। बृजेंद्र सिंह सिर्फ 32 वोटों से बीजेपी के देवेंद्र अत्री से चुनाव हार गए।