शादी-संगीत, मेहंदी, जन्मदिन या फिर सालगिरह की पार्टी हो बिना डीजे पार्टी अधूरी रहती है। इसके अलावा धार्मिक यात्रा हो, जुलूस हो या फिर मुर्ति विसर्जन इसमें भी लोग बिना डीजे नहीं जाते हैं। हाई बेस और आवाज पर बजने वाले ये डीजे लोगों की सेहत के लिए खतरनाक होते हैं, खासतौर से इंसानी 'दिल' के लिए। हाई बेस पर बजने वाले ये डीजे किसी अनहोनी को दावत दे सकते हैं।

 

हाई बेस वाले डीजे की आवाज में इतनी तेज वाइब्रेशन होती है कि इंसान तो छोड़िए घरों की खिड़कियां और कमजोर दीवारें तक टूट जाती हैं। ऐसा ही मामला यूपी के गाजियाबाद से सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि तेज डीजे की आवाज के वाइब्रेशन से एक दीवार टूटकर गिर गई।

 

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यूजर्स दे रहे प्रतिक्रिया

इस वायरल वीडियो में कई यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। एक यूजर ने कहा, 'मेरा तो सर दर्द करने लगता है, तेज आवाज में।' एक दूसरे यूजर ने कहा, 'डीजे हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है।' 

 

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कितना खतरनाक है डीजे?

हाई बेस वाला डीजे बहुत इंसानों और जानवरों के लिए खतरनाक हो सकता है। खासकर तक जब कोई डीजे के पास लंबे समय तक और करीब से सुन रहे हों। इसके ऐसे समझ सकते हैं कि सामान्य व्यक्ति बातचीत में 60 dB की फ्रीक्वेंसी में बोलते हैं। लोग सुरक्षित लिमिट लंबे समय के लिए 85 dB की फ्रीक्वेंसी से बोतले हैं। मगर, ज्यादातर हाई बेस डीजे सिस्टम 100–130 dB तक आसानी से चले जाते हैं। कई बार यह इससे भी ज्या 110–120 dB आम है)