भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता कैलाश विजयवर्गीय अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा या विवादों में आते रहे हैं। इन दिनों मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हैं और लोगों की जान जा रही है। इस बीच इंदौर से ही विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनका दावा है कि वह लोगों की मदद भी कर रहे हैं। इसी मदद के दौरान मीडिया के पूछे गए सवाल पर वह इतने भड़के गए कि 'फोकट प्रश्न' बता दिया और पत्रकार से ही बदसलूकी करने लगे। पत्रकार ने तुरंत उन्हें टोका और उन्हें नसीहत दे डाली कि वह अपने शब्दों का चयन सुधारें। इसका वीडियो वायरल होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने X पर पोस्ट करके कहा है कि उनके मुंह से गलत शब्द निकल गए और वह इसके लिए खेद प्रकट कर रहे हैं।

 

इंदौर के जिस भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से लोगों की मौतें हुई हैं वह इलाका कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण डायरिया के प्रकोप से अब तक चार लोगों की मौत हुई है जबकि 212 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है जिनमें से 50 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। हालांकि, स्थानीय लोगों ज्यादा मौतों का दावा कर रहे हैं और बुधवार को ही इंदौर के मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने 7 मौतों की बात कही थी।

 

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पत्रकार और कैलाश विजयवर्गीय के बीच क्या हुआ?

 

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि NDTV के पत्रकार अनुराग द्वारी ने इसी घटनाक्रम के बारे में कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि भागीरथपुरा क्षेत्र के कई मरीजों को निजी अस्पतालों को चुकाए गए बिल का भुगतान नहीं मिला है और इस इलाके के नागरिकों के लिए पीने के पानी की ठीक व्यवस्था नहीं की गई है, तो वह अचानक बिफर गए। मीडिया के कैमरों के सामने इस सवाल पर आपा खोते हुए उन्होंने कहा, ‘छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो।’ इस पर अनुराग द्वारी ने उन्हें टोका कि यह फोकट सवाल नहीं है। इस पर तो कैलाश का पारा और हाई हो गया, उन्होंने कहा, 'तुम घंटा हो क्या?'

 

 

 

 

इस पर अनुराग द्वारी ने तुरंत उन्हें टोका कि इतने वरिष्ठ मंत्री होकर उन्हें ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कैलाश विजयवर्गीय के साथ मौजूद लोगों ने अनुराग से बहस शुरू कर दी लेकिन अनुराग शालीनता से उन्हें यह कहते रहे कि उन्हें ऐसे शब्दों का प्रयोग करके बात नहीं करनी चाहिए और सवालों का जवाब देना चाहिए। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय की फजीहत होने लगी तो उन्होंने सफाई देते हुए खेद प्रकट दिया है।

 

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क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय?

 

अपने X पोस्ट में कैलाश विजयवर्गीय ने लिखा है, 'मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा।' 

 

 

 

 

बता दें कि कई दिन से इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के लोग सप्लाई वाला पानी पीने से बीमार पड़ रहे हैं। जांच में पता चला है कि पानी के पाइप के ऊपर बने एक शौचालय का पानी ही सप्लाई के पानी में मिल गया जिसके चलते सैकड़ों लोगों को डायरिया हो गया। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कुछ अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

 

इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के विवादास्पद वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, ‘इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौतों की संख्या आठ से बढ़कर 10 हो गई है लेकिन बीजेपी नेताओं की बदतमीजी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है और इस जहरीले पानी की जिम्मेदारी पर सवाल किया जाए, तो मंत्री जी पत्रकार के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।’ पटवारी ने सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि उन्हें विजयवर्गीय से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए।