उत्तर प्रदेश के वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में इन दिनों स्टील रेलिंग लगाने का काम चल रहा है। इस काम का ठेका जिसे दिया गया हो उसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष, दिनेश फलाहारी महाराज ने इस पर आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने मुगल वंशज शब्द का इस्तेमाल करते हुए ठेका वापस लेने की मांग की है। 

 

दरअसल जिस व्यक्ति को इसका ठेका दिया गया है उनका नाम 'सलीम अहमद' हैं। दिनेश फलाहारी का कहना है कि एक ऐसे व्यक्ति को मंदिर का काम देना सही नहीं है जो सनातन विरोधी विचारधारा से जुड़ा हो। उन्होंने प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया है।

 

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विवाद की जड़ और महाराज का तर्क

दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में काफी तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उनका तर्क है कि इस तरह के फैसले से 'हमारे कृष्ण कन्हैया नाराज हो जाएंगे।' उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग सनातन धर्म के विरोधी हैं और हिंदुओं को 'काफिर' समझते हैं।

 

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महाराज ने सलीम अहमद को मुगलों का वंशज बताते हुए ठेका वापस लेने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब हिंदू समाज में हजारों सक्षम ठेकेदार मौजूद हैं, तो फिर 'मुगलों के वंशजों' को मंदिर के अंदर काम करने का मौका क्यों दिया गया?

उन्होंने मांग की है कि इस ठेके को तुरंत संज्ञान में लिया जाए क्योंकि यह करोड़ों सनातनी भक्तों की आस्था से जुड़ा मामला है।

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग मानते हैं कि मंदिर न्यास के अध्यक्ष ने बिना जरूरत के इस मुद्दे को बड़ा बना दिया, इसलिए वे उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग उनके पक्ष में खुलकर समर्थन करते भी दिखाई दे रहे हैं।