नाले से गैस बन सकती है क्या? बनारस में कुछ युवाओं ने नाले से गैस निकालने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने दस्तक दे दिया। पुलिस वाले अचानक आए और चूल्हा-चौका लेकर चले गए। पुलिसकर्मी हंस रहे थे लेकिन उन्होंने लड़कों को यह सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने से रोक दिया।
पुलिसकर्मी बहुत तेजी से आए और चूल्हा-चौका वाली जगह से लोगों को हट जाने के लिए कहा। वहां मौजूद खड़े एक युवक ने कहा, 'मोदी जी का चूल्हा और केतली लेकर कहां जा रहे हैं।'
पुलिसकर्मी गैस उठाकर ले जाते और हंसते नजर आए। लोग इस वीडियो पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि गैस के लिए ऐसी किल्लत क्यों आई है, कब ठीक होगी। कुछ लोगों ने सवाल किया है कि जब नाले से गैस बनाने का आइडिया प्रधानमंत्री ने दिया है तो पुलिस ऐसी कार्रवाई क्यों कर रही है।
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युवा इसलिए प्रदर्शन कर रहे थे, क्योंकि शहर में गैस की किल्लत हो गई है। लोग सिलेंडर भरवाने के लिए परेशान हैं। एजेंसियों पर लंबी कतारें हैं, कई दिन बाद नंबर लग रहा है। ब्लैक में लोग दोगुने-तिगुने दाम पर सिलेंडर बेच रहे हैं।
नाले से गैस वाला मीम वायरल क्यों है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त 2018 को विश्व जैव ईंधन दिवस के अवसर पर बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान एक बयान दिया था। उन्होंने नाले की गैस से चाय बनाने वाले चायवाले का किस्सा सुनाया था। उन्होंने कहा था, 'मैंने एक अखबार में कहीं पढ़ा था कि एक छोटे शहर में नाले के पास चाय का ठेला लगाने वाला व्यक्ति था। गंदी नाली से दुर्गंध और गैस निकलती थी तो उसने विचार किया कि इस गैस का इस्तेमाल क्यों न करें। उसने एक बर्तन को उल्टा करके उसमें छेद कर पाइप डाल दिया, जिससे नाले की मीथेन गैस उसके चूल्हे तक पहुंच गई और वह उसी से चाय बनाने लगा। यह सिंपल सी टेक्नोलॉजी है।'
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क्या नाले से बनाया जा सकता है?
कूड़ा-कचरा, नाले का पानी, गोबर, सड़े-गले अपशिष्ट पदार्थों की मदद से गैस बनाई जा सकती है। मीथेन गैस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके लिए एनारोबिक डाइजेस्टर डिवाइस की जरूरत पड़ेगी। घरों में गोबर गैस प्लांट भी लगता है। यहां से गैस बायो-सीएनजी या रिन्यूएबल नेचुरल गैस (RNG) में बदली जा सकती है, जिसका इस्तेमाल खाना पकाने वाले गैस के लिए किया जा सकता है। यह जटिल प्रक्रिया है लेकिन सीधे पाइप डालकर नाले से चाय नहीं बनाई जा सकती है।
