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'LPG को लेकर घबराने की जरूरत नहीं', गैस संकट के बीच PM मोदी का देश को भरोसा

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से कहा कि LPG को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

PM Modi opens up on LPG gas crisis

पीएम नरेंद्र मोदी। (Photo Credit: PTI)

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पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और दुनिया भर में ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पूरी तरह से सुरक्षित है। दिल्ली में 'NXT समिट 2026' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार यह पक्का करने के लिए हर कदम उठा रही है कि इंटरनेशनल झगड़ों की आंच आम आदमी के किचन तक न पहुंचे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का पहला मकसद दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल के बावजूद नागरिकों को संकट से बचाना है।

 

पिछली सरकारों के मुकाबले मौजूदा तैयारियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत की स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व कैपेसिटी बहुत कम थी, लेकिन आज भारत ने बहुत बड़े रिजर्व बना लिए हैं, जो किसी भी इमरजेंसी में देश की एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक शील्ड का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता की तरफ उठाए गए कदमों से न सिर्फ सुरक्षा पक्की हुई है, बल्कि देश के लिए काफी आर्थिक बचत भी हुई हैं।

 

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LPG पर अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी

प्रधानमंत्री ने देश में LPG सप्लाई को लेकर फैलाई जा रही आशंकाओं पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष और कुछ शरारती तत्वों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर डर का माहौल पैदा कर रहे हैं।

 

पीएम ने साफ तौर पर कहा, 'कुछ लोग LPG को लेकर पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा करके वे न केवल खुद को बेनकाब कर रहे हैं, बल्कि देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।' उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि संकट की आड़ में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

PM मोदी ने वैश्विक संकट को बताया 'राष्ट्र की परीक्षा'

मौजूदा युद्ध के हालातों को PM मोदी ने पूरे राष्ट्र के लिए एक परीक्षा करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया ने कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे बड़े झटके झेले हैं और अब पश्चिम एशिया का तनाव एक नया संकट लेकर आया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, 'संकट यह परखता है कि एक देश के रूप में हम कितने एकजुट और धैर्यवान हैं।' उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करें।

 

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समिट में PM मोदी ने बताया कि भारत अब ऊर्जा के मोर्चे पर पहले से कहीं अधिक मजबूत है। सरकार की दूरगामी नीतियों के कारण भारत अपनी रणनीतिक जरूरतों के लिए केवल आयात पर निर्भर नहीं है, बल्कि घरेलू भंडारण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में कीमतों की अस्थिरता के बावजूद भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था और भंडार के दम पर नागरिकों को राहत पहुंचाने की क्षमता रखता है।


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