पुलिस को हम-आप कैसे जानते हैं? एक सरकारी फोर्स, जिसका काम हमारे आस-पास की हिफाजत करना, कानून व्यवस्था बनाए रखना, चोरी-डकैती जैसी घटनाओं को रोकना है। हर पुलिसकर्मी पर यह बात फिट बैठे, ऐसा होता नहीं है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर पुलिस विभाग को शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। एक एसी ट्रेन की बोगी में एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर अपनी सीट का बेडशीट और तकिया बैग में रख लिया। बताया जा रहा है कि यह पुलिसकर्मी फायर ब्रिगेड विभाग में तैनात हों।

आरोपी का नाम भानु प्रताप सिंह बताया गया है। भानु प्रताप को रेलवे स्टाफ ने चोरी करते हुए पकड़ लिया है। आरोपी को कानपुर स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) को सौंप दिया गया। अब सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि ऐसे लोगों के भरोसे कैसे देश छोड़ सकते हैं, जिन्हें सरकारी संपत्ति की हिफाजत करनी चाहिए, वे चोरी कर रहे हैं। 

 

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वायरल वीडियो

इस वीडियो में आरोपी भानू प्रताप सिंह और रेलवे कर्मचारियों के बीच सवाल-जवाब होते हुए देखे जा सकते हैं। रेलवे कर्मचारी के सवालों का जवाब देते हुए आरोपी ने कहा कि उसकी ड्यूटी प्रयागराज कुंभ में लगी है। जब रेलवे स्टाफ ने पूछा कि क्या उसने शराब पी रखी है, तो उसने जवाब दिया कि उसने शराब की एक बूंद भी नहीं पी है। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने उससे आधार कार्ड मांगा और उसका बैग चेक किया।

 

बैग में एक काले रंग की थैली मिली, जिसमें रेलवे का बेडशीट और तकिया रखा था। जब रेलवे स्टाफ ने पूछा कि यह सामान उसके बैग में क्यों है, तो उसने कहा कि यह गिरी हुई थी, इसलिए उसने अपने बैग में रख ली। इसके बाद वह रेलवे स्टाफ से माफी मांगते हुए नजर आया और कहा, 'माफ कर दीजिए साहब।'

 

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लोगों क्या कह रहे हैं?

इस वीडियो पर कई लोगों ने अपनी आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। डॉ. शशि तिवारी ने कहा 'यह घटना बेहद शर्मनाक है। जो व्यक्ति कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाता है, वही अगर चोरी करते पकड़ा जाए, तो यह पूरे सिस्टम की छवि को नुकसान पहुंचाता है।'

 

 

 

दूसरे यूजर ध्रुव राठी सटायर ने कहा 'चोरी करने पर क्या सजा है, यह पता होने के बावजूद लोग ट्रेन से कंबल और नेपकिन चुरा लेते हैं। लोग अपनी आदत से मजबूर हैं। भारत तरक्की कर रहा है।'

 

 

 

तीसरे यूजर कपिल गौर ने कहा 'यह मामला बिल्कुल वैसा ही है जैसे रक्षक ही भक्षक बन गया है एक पुलिसवाले का चादर चुराना थोड़ा अजीब लगता है। शायद उन्हें लगा होगा कि वर्दी के रौब में ‘कानून की चादर’ के साथ-साथ रेलवे की चादर भी उनकी ही है।'

 

 

 

रेलवे का सामान चुराने पर कार्रवाई

रेलवे में जब आरपीएफ (Railway Protection Force) की टीम किसी यात्री को चोरी करते हुए पकड़ती है, तो सबसे पहले चुराया गया सामान जब्त किया जाता है। इसके बाद आरोपी को जुर्माना भरना पड़ता है। ऐसे मामलों में अक्सर 1,000 रुपये तक का जुर्माना और 6 महीने तक की जेल हो सकती है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी चोरी करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है और सजा बढ़ाई जा सकती है।