योग गुरु बाबा रामदेव ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे युद्ध के खिलाफ कड़ा बयान दिया है। एक न्यूज़ टीवी शो में दिए गए उनके इंटरव्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

शो के एंकर ने रामदेव से सवाल किया कि क्या भारत को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ खड़ा होना चाहिए या ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के साथ, जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन 28 फरवरी को हो गई थी।

 

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ईरान के पक्ष में रखी अपनी बात

रामदेव ने जवाब देते हुए कहा, 'एक व्यक्ति को मार सकते हो, लेकिन उसके विचारों, दर्शन, सोच, जज्बे और वीरता को नहीं मार सकते।' रामदेव, जो भारत में प्रसिद्ध हिंदू आध्यात्मिक गुरु, बाबा और आयुर्वेद के समर्थक माने जाते हैं। 

 

हालांकि, अब उन्होंने ईरान के पक्ष में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि वह ईरान के बारे में ज्यादा नहीं जानते, लेकिन इतना जरूर जानते हैं कि ईरान के लोग पैगंबर मुहम्मद की असली वंशावली से हैं, जिन्हें शिया मुस्लिम कहा जाता है।

कहा- कोई झुका नहीं सकता

उन्होंने आगे कहा, 'इन लोगों को कोई झुका नहीं सकता, मिटा नहीं सकता और हरा नहीं सकता।' रामदेव ने बताया कि ईरान की लगभग 9 करोड़ आबादी में से 1 करोड़ से ज्यादा लोग खामेनेई के विचारों को पूरी आत्मा से मानते हैं।

 

उन्होंने कहा, 'इतने बड़े विचार को कैसे मिटाया जा सकता है?' जब एंकर ने नेतन्याहू के बारे में पूछा तो रामदेव ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू एक जैसे ही हैं।

ट्रंप को बताया मानवता के खिलाफ

रामदेव ने नेतन्याहू और ट्रंप दोनों को 'युद्ध अपराधी', 'मानवता के खिलाफ अपराधी' और 'प्रकृति व पर्यावरण के खिलाफ अपराधी' बताया। रामदेव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने 'हिमालय जितना बड़ा राजनीतिक अविश्वास का पहाड़' खड़ा कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 50-100 साल तक इजरायल और अमेरिका को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे।

 

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पीएम मोदी पर लग रहे आरोप

उन्होंने कहा, 'इस संघर्ष में न तो अमेरिका और इजरायल जीत सकते हैं, और न ही ईरान को हराया जा सकता है।' यह बयान पिछले हफ्ते एबीपी न्यूज़ शो में दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लग रहे हैं कि वह इजरायल का समर्थन कर रहे हैं। खासकर इसलिए क्योंकि युद्ध शुरू होने से दो दिन पहले मोदी इजरायल गए थे। हालांकि भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति अपनाई हुई है।