इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) इंडस्ट्री को लंबे समय से भारत के सर्विस सेक्टर में सबसे आगे माना जाता रहा है, जो कि बढ़िया नौकरी और ढेर सारी सैलरी के लिए जानी जाती रही है। हालांकि, अब इसमें धीर-धीरे परिवर्तन की बयार बह रही है और यह सोच बदलती दिख रही है। माना जा रहा है कि इंडस्ट्री का सुनहरा दौर खत्म हो रहा है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से और भी बढ़ावा मिला है।

 

एक वायरल रेडिट पोस्ट ने भारत की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में IT प्रोफेशनल्स की मुश्किलों को सामने ला दिया है। पोस्ट के अनुसार, TCS में जावा डेवलपर के तौर पर काम करने वाले एक कर्मचारी ने दावा किया कि पिछले 5.5 सालों में उनकी मंथली सैलरी 2020 में 25,000 रुपये से घटकर 22,800 रुपये हो गई है।

 

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शख्स ने बताई आपबीती

उन्होंने लिखा कि टियर-3 कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने TCS जॉइन किया। इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरियों की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, फाइनल तौर पर उनका सेलेक्शन नहीं हो पाया और वह कुछ नंबरों से एग्जाम क्लियर करने से चूक गए और इस दौरान वे अपनी स्किल्स को भी अपग्रेड नहीं कर पाए।

 

 

आखिरकार, उन्हें C बैंड से D बैंड में भेज दिया गया और जुलाई 2025 में उसे परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) में डाल दिया गया। पोस्ट में उन्होंने लिख, 'मैं घबरा गया और कुछ महीनों तक खूब मेहनत की जिससे मैं एक प्रोजेक्ट के लिए सिलेक्ट हो गया।’ चूंकि वह PIP पर थे इसलिए उनके लिए यह काफी अच्छी खबर थी। पोस्ट के मुताबिक हालांकि, बाद में उनका अप्रेजल रो दिया गया।

उठते हैं सवाल

उन्होंने आगे दावा किया कि HR सैलरी स्लिप देखने के बाद सवाल उठाते हैं और पूरी तैयारी के बावजूद ऑफर की बातचीत रोक देते हैं। पोस्ट के आखिर में लिखा था, 'इस वजह से मेरी ज़िंदगी सच में खराब हो रही है, और मुझे IT इंडस्ट्री में टिके रहने की उम्मीद खत्म हो रही है।'

 

यह IT इंडस्ट्री की एक और समस्या को भी दिखाता है और वह है टॉप एग्जीक्यूटिव और इंडस्ट्री में नए आने वालों के बीच सैलरी में बहुत बड़ा अंतर।

बढ़ा है एट्रीशन रेट

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सोमवार को दिसंबर तिमाही में अपने एट्रीशन रेट में मामूली बढ़ोतरी और कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कमी की रिपोर्ट दी, जो उसके चल रहे रीस्ट्रक्चरिंग और वर्कफोर्स रैशनलाइजेशन के प्रयासों के असर को दिखाता है।

 

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भारत की सबसे बड़ी IT सर्विसेज फर्म ने कहा कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में एट्रीशन थोड़ा बढ़कर 13.5 प्रतिशत हो गया, जबकि सितंबर तिमाही में यह 13.3 प्रतिशत था। इसी दौरान, कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 11,000 से ज़्यादा घटकर दिसंबर के आखिर में 5,82,163 हो गई, जो पिछली तिमाही में 5,93,314 थी।