इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए अब तक फॉर्म 16 की जरूरत पड़ती थी लेकिन इस बार आपको आईटीआर फाइल करने के लिए इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। फॉर्म 16 एक सर्टिफिकेट है जिसे एक एम्प्लॉयर यानी कंपनी अपना कर्माचरी को देती है। इसमें सैलरी से काटे गए टैक्स (TDS) की जानकारी होती है। इसमें एम्प्लॉई की कमाई, TDS और इनकम टैक्स एक्ट के तहत मिलने वाली छूट की जानकारी होती है। अब इस फॉर्म की जगह नया पॉर्म 130 आएगा। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए इस साल कई नियमों में बदलाव किए गए हैं।
नए नियमों के तहत सभी आईटीआर फॉर्म नए आयकर अधिनियम 2025 के मुताबिक, पूरी तरह रीडिजाइन किए जाएंगे। इन्हीं नियमों के तहत फॉर्म 16 को फॉर्म 130 से बदला जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से सैलरी पर TDS सर्टिफिकेट फॉर्म 130 के नाम से जारी होगा। नौकरी करने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ा बदलाव है। फॉर्म 16 दशकों से चला आ रहा है लेकिन अब इसकी जगह फॉर्म 130 लेगा। यह नया फॉर्म अब पहले से ज्यादा बड़ा और डिटेल्ड होगा।
नए फॉर्म में क्या-क्या जानकारी होगी?
पॉर्म 16 कंपनी की ओर से अपने कर्मचारी को जारी किया जाता था। इस फॉर्म में एम्प्लॉई की कमाई, TDS और इनकम टैक्स एक्ट के तहत मिलने वाली छूट की जानकारी होती थी। अब नए नियमों के तहत इसकी जगह फॉर्म 130 का इस्तेमाल होगा। इसमें तीन हिस्से होंगे। पहले हिस्से में कंपनी और कर्मचारी की जानकारी। दूसरे हिस्से में सैलरी से काटे गए टीडीएस की डिटेल्स और तीसरे हिस्से में टैक्स योग्य इनकम की पूरी कैलकुलेशन होगी। यह नया नियम सिर्फ सैलरी वाले लोगों पर ही नहीं बल्कि पेंशन लेने वालों पर भी लागू होगा। यह फॉर्म ऑनलाइन पोर्टल से ही डाउनलोड करना होगा। इसे हाथ से नहीं बनाया जा सकेगा।
फाइनेंसियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नए नियमों में एक खास बदलाव किया गया है कि अब इनकम के अलग-अलग सोर्स की रिपोर्टिंग को व्यवस्थित तरीके से देना होगा। शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन की स्पष्ट अलग-अलग रिपोर्टिंग होगी। विदेशी संपत्ति, क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन या विशेष मामलों में एक्स्ट्रा डिटेल्स देनी होंगी।
कहां से मिलेगा यह फॉर्म?
अब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए फॉ्म 130 की जरूरत होगी तो लोगों के मन में सवाल है कि यह फॉर्म कहां से मिलेगा। आपको बता दें कि यह फॉर्म मैन्युअली नहीं बन सकता है। इसे आपको ऑनलाइनल TRACES पोर्टल से ही डाउनलोड करना होगा। यह फॉर्म तभी जारी होगा जब आपकी कंपनी यानी एम्प्लॉयर तिमाही टीडीएस स्टेटमेंट फाइल कर चुका होगा और वह प्रोसेस हो चुकी होगी।
पहले से होगी जानकारी
अब फाइलिंग ज्यादा सिस्टम-बेस्ड और ऑटोमेटेड हो जाएगी। आपका ज्यादातर डेटा पहले से ही फॉर्म में भरा हुआ मिलेगा। इससे गलतियों की गुंजाइश कम होगी लेकिन अगर आपकी जानकारी और विभाग के डेटा में अंतर हुआ, तो सिस्टम उसे तुरंत पकड़ लेगा।। आईटीआर में ज्यादा जानकारी प्री-फिल्ड होगी यानी फॉर्म में ज्यादातर जानकारी पहले से ही होगी। आपको बस उसमें जरूरी डिटेल्स भरनी होंगी।