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बेसिक इंश्योरेंस से नहीं चलेगा काम, हर स्थिति में फायदा कराएंगे 'राइडर'

बेस पॉलिसी हर मुसीबत में काम नहीं आती इसलिए राइडर लेना फायदेमंद होता है। ये छोटे ऐड-ऑन बीमारी या दुर्घटना के समय परिवार को एक्स्ट्रा आर्थिक मदद देते हैं।

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आप कोई इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं और कभी क्लेम की नौबत आती है तो पता चलता है कि फलां चीज तो इस स्कीम में कवर ही नहीं होती। ऐसी चीजें आपका नुकसान करा सकती हैं। अगर आपको अपने इंश्योरेंस को और फायदेमंद बनाना है और आप चाहते हैं कि सारी चीजें कवर हो जाएं तो आपको एक खास सुविधा का इस्तेमाल करना होगा। इसे इंश्योरेंस की भाषा में 'राइडर' कहा जाता है। जैसे पहले रीचार्ज के साथ टॉप-अप होता था, ठीक वैसे ही ये राइडर होते हैं जो आपके इंश्योरेंस में नए-नए फीचर और सुविधाएं जोड़ देते हैं।

 

राइडर छोटे-छोटे ऐड-ऑन होते हैं जिन्हें आप अपनी पॉलिसी में जोड़ते हैं और ये बीमारी, दुर्घटना या काम न कर पाने जैसी स्थितियों में पैसे देने में मदद करते हैं। बेस पॉलिसी अक्सर सिर्फ मौत या कुछ मेडिकल खर्च ही देती है इसलिए राइडर जोड़कर आप अपनी और अपने परिवार की असल जरूरतें भी सुरक्षित कर लेते हैं।

 

ये पॉलिसी में जोड़े जाने वाले छोटे-छोटे एक्स्ट्रा कवर हैं। ये अपने आप नहीं मिलते, पॉलिसी लेने के बाद आपको चाहिए तो अलग से जोड़ने पड़ते हैं और उनके लिए थोड़ा अलग प्रीमियम देना होता है। राइडर इसलिए जरूरी हैं क्योंकि बेसिक पॉलिसी हर तरह की मुसीबत का पैसा नहीं देती।

 

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कुछ आसान राइडर और उनका काम

क्रिटिकल इलनेस राइडर: बड़ी बीमारी जैसे कैंसर या हार्ट अटैक होने पर यह इकट्ठा पैसा देता है। इससे इलाज के बड़े बिल और घर का खर्च चलाने में मदद मिलती है।

 

डिसेबिलिटी राइडर: चोट या बीमारी से आप काम नहीं कर पाएं तो यह राइडर पैसा देता है ताकि घर की आमदनी कम न पड़े।

 

एक्सीडेंट राइडर: हादसे में मदद करने वाला कवर है जो मृत्यु या स्थायी चोट होने पर अतिरिक्त राशि मिलती है।

 

हॉस्पिटल कैश राइडर: अस्पताल में भर्ती होने पर हर दिन के हिसाब से थोड़ी रकम मिलती है जो छोटे-छोटे खर्च जैसे रूम चार्ज या दवा में काम आती है।

 

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कब राइडर लेना चाहिए?

अगर आप घर के मुख्य कमाने वाले हैं, घर पर कर्ज है, या आपकी नौकरी जोखिम वाली है तो राइडर लेना समझदारी है। छोटे उम्र में और तब जब सेहत सही हो तब राइडर सस्ता पड़ता है, इसलिए जल्दी जोड़ने से अच्छा रहता है।

 

राइडर के लिए अलग से प्रीमियम देना पड़ता है और हर राइडर की शर्ते अलग होती हैं। कुछ राइडर तुरंत कवर नहीं करते उनके लिए वेटिंग पीरियड होता है। कुछ स्थितियां एक्सक्लूड भी हो सकती हैं, इसलिए पॉलिसी की लिखी हुई शर्तें अच्छे से पढ़ लें। सिर्फ नाम सुनकर या महंगा होने पर लेकर मत चलिए, जरूरत के हिसाब से चुनो।

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