केरल की साक्षरता को लेकर खूब चर्चा होती है। साल 2011 में हुई जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, केरल की साक्षरता दर देश में सबसे ज्यादा 93.9 प्रतिशत थी। इससे पहले साल 1991 में ही केरल को भारत का पूर्ण साक्षर जिला घोषित किया जा चुका है। अब चुनावी साल में केरल के नेताओं की चर्चा खूब हो रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर केरल के नेता कितने पढ़े-लिखे है। असोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म की रिपोर्ट बताती है कि केरल के एक चौथाई विधायक 10वीं या उससे भी कम पढ़े हैं। 8 विधायक तो सिर्फ 8वीं पास हैं।
ADR ने केरल के 140 में से 132 विधायकों के हलफनामे के अध्ययन के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में एक विधायक ऐसे भी हैं जो सिर्फ 5वीं तक पढ़े हैं। वहीं, 8 विधायक ऐसे हैं जो सिर्फ 8वीं तक पढ़े हैं। 23 विधायक सिर्फ 10वीं तक और 16 विधायक 12वीं पास हैं। ये आंकड़े दिखाते हैं कि भले ही केरल सबसे ज्यादा साक्षरता वाला राज्य है, यहां के जनप्रतिनिधियों में ऐसे लोग भी हैं जो खुद ज्यादा नहीं पढे़ हैं।
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उच्च शिक्षा वाले कितने विधायक हैं?
इसी रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के 24 विधायक ग्रेजुएट और 39 विधायक ग्रेजुएट प्रोफेशलनल हैं। 14 विधायक पोस्ट ग्रेजुएट हैं। सिर्फ 4 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है और सिर्फ 3 विधायक डिप्लोमाधारी हैं। इसी रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के 132 में से सिर्फ 11 महिला विधायक हैं। इसमें से 9 विधायक सत्ताधआरी लेफ्ट की हैं।
ADR ने अपनी इस रिपोर्ट में पाया है कि केरल के 70 प्रतिशत विधायक ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। राज्य के 33 विधायक ऐसे हैं जिनके खिलाफ गंभीर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं। 132 में से 72 विधायक ऐसे हैं जो करोड़पति हैं। केरल के सबसे अमीर विधायक डॉ. मैथ्यू कुजलंदन हैं जिन्होंने 2021 में अपनी संपत्ति 34.77 करोड़ रुपये घोषित की थी। सबसे गरीब विधायक तरूर के पीपी सुमोद हैं जिनकी संपत्ति सिर्फ 9 लाख रुपये है।
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बता दें कि केरल में विधानसभा चुनाव का एलान हो चुका है और राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों पर 8 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे बाकी के चार राज्यों के साथ 4 मई को घोषित किए जाएंगे। 10 साल से केरल की सरकार चला रहे लेफ्ट डेमोक्रैटिक फ्रंट (LDF) को चुनौती देने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाला यूनाइटेड डेमोक्रैटिक फ्रंट जमकर पसीना बहा रहा है। वहीं, केरल में अपने पांव जमाने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी अपने सहयोगी दलों के साथ मैदान में है।