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अभिमन्यु बने और चक्रव्यूह तोड़ दिया, फडणवीस के इस बयान का मतलब क्या?

महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 288 सदस्यीय विधानसभा में 231 सीटें जीतकर भारी जीत हासिल की है। इस जीत से गदगद फडणवीस ने खुद को आधुनिक समय का अभिमन्यु बताया।

BJP-led Mahayuti scoring a massive victory in maharashtra

देवेंद्र फडणवीस, Image Credit: PTI

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) बहुत खुश है। सूबे के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जीत के बाद बड़े नेताओं के साथ मीडिया से बात की।  भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की भारी जीत के बाद, फडणवीस ने दोहराया कि वह 'आधुनिक अभिमन्यु हैं जो 'चक्रव्यूह' को तोड़ना जानते हैं।'

 

फडणवीस ने इसे एकता की जीत बताया और कहा कि हम सभी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा और जनता ने महायुति को अपना आशीर्वाद दिया है। डिप्टी सीएम ने कहा, 'महाराष्ट्र में सभी लोगों ने मिलकर जीत दिलाई है। लाडली बहनों और लाडले भाइयों का हमें समर्थन मिला है। लोकसभा चुनाव में जिस फेक नैरेटिव को तैयार किया गाया था, उसे हमने तोड़ दिया है।'

 

महा विकास अघाड़ी पर हमला

इससे पहले सितंबर में फडणवीस ने कहा था कि विपक्षी दल महा विकास अघाड़ी को लगता है कि वे उन्हें चक्रव्यूह में फंसा देंगे। 'लेकिन मैं आधुनिक अभिमन्यु हूं। मुझे पता है कि चक्रव्यूह में कैसे जाना है और कैसे बाहर निकलना है।' आज महायुति की शानदार जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने पहले कहा था, मैं आधुनिक अभिमन्यु हूं। मुझे चक्रव्यूह तोड़ना आता है। हमने चक्रव्यूह तोड़ा है। इस जीत में मेरा बहुत छोटा सा योगदान है। हमारी टीम ने यह जीत हासिल की है।'

 

 

बता दें कि फडणवीस ने नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट जीती है। महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 288 सदस्यीय विधानसभा में 231 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा के बड़े प्रदर्शन के बाद सबकी निगाहें देवेंद्र फडणवीस पर टिकी हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे देखा जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को पद छोड़ना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री पद पर कौन मारेगा बाजी?

मुख्यमंत्री पद के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, 'मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। पहले दिन ही तय हो गया था कि चुनाव के बाद तीनों दल मिलकर इस पर फैसला करेंगे। जो भी फैसला होगा, वह सभी को स्वीकार्य होगा।'


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