तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीतिक पार्टियां अपनी आखिरी दौर की तैयारी कर रही हैं। इसमें से कई दल तो अपनी रणनीति के अनुसार जमीन पर काम भी कर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान करेगा। मगर इन सबके बीच चनाव से पहले तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को लेकर हलचल तेज हो गई है। विजय की पूछ सत्तारुढ़ डीएमके गठबंधन और विपक्षी AIADMK गठबंधन में तेजी से हो रही है।
थलापती विजय तमिलनाडु में कई बड़ी रैलियां करके बड़े दलों को अपनी ताकत दिखा चुके हैं। हालांकि, अभी उन्हें चुनाव लड़कर असली ताकत दिखाने का मौका नहीं मिला है। दरअसल, फरवरी 2024 में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की स्थापना के बाद यह पहली बार है कि विजय तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेंगे। फिलहाल उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर अपने पत्ते सार्वजनिक नहीं किए हैं। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि वह AIADMK के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ रहेंगे या फिर DMK के साथ रहकर चुनाव लड़ेंगे।
ऐसे में आइए जानते हैं कि तमिलनाडु में जिस थलापति विजय पर सबकी नजरें टिकी हैं वह NDA या फिर DMK में से किस गठबंधन में शामिल लेंगे...
यह भी पढ़ें: दागदार चेहरा, नई पार्टी, AIADMK से अलग खुद को कैसे साबित करेंगी VK शशिकला?
विजय का साथ और जनाधार पर नजर
दरअसल, बीजेपी तमिलनाडु में कभी सरकार नहीं बना सकी है। ऐसे में भगवा पार्टी अपने गठबंधन क कुनबा लगातार बढ़ा रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में उसे 11 फीसदी वोट मिले थे, जिसे वह विधानसभा चुनाव में किसी मजबूत साथी को साथ लेकर अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। यही वजह है कि बीजेपी राज्य में विजय की पार्टी TVK को एनडीए में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
इस समय तमिलनाडु की सियासत में विजय की अहमियत बहुत ज्यादा हो चुकी है। वो अब सिर्फ फिल्मों के सुपरस्टार नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति का तीसरा बड़ा पोल बन गए हैं। वह 2026 विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर की भूमिका में आ चुके हैं। दरअसल, TVK अगर एनडीए में शामिल हो जाती है तो तमिलनाडु की चुनावी राजनीति पर इसका बड़ा असर हो सकता है।
सुर्खियों में बने हुए हैं विजय
जब से विजय ने TVK पार्टी बनाई है, वह राज्य के साथ में देश की मीडिया/सोशल मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं। तमिलनाडु में सीटों पर उम्मीदवार कम वोटों के अंतर से जीतते हैं। ऐसे में अगर गठबंधन हो जाता है और थोड़े भी वोटों का बदलाव होता है तो नतीजे बदल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी अलग-अलग माध्यमों से विजय से संपर्क बनाने के प्रयास कर रही है। इस प्रयास के लिए अलग-अलग नेताओं की मदद ली जा रही है। बताया जा रहा है कि इन नेताओं में एक राज्य के डिप्टी सीएम भी सक्रिय तौर पर भूमिका निभा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: केरल में चुनाव और ईद से पहले ही पलायन क्यों करने लगे प्रवासी श्रमिक?
विजय की इतनी अहमियत क्यों?
माना जा रहा है कि विजय की तमिलनाडु में अहमियत आजकल बहुत ज्यादा हो गई है। वह बस एक सुपरस्टार नहीं रहे, बल्कि राज्य की राजनीति, संस्कृति और युवा पीढ़ी के सबसे बड़े आइकन बन चुके हैं। उनका राज्य में बड़ा फैनबेस है। यही वजह है कि बीजेपी को विजय में दिलचस्पी है। वहीं, विजय की पार्टी का पूरा चुनावी कैंपेन डीएमके और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ है, जिससे साफ है कि वह डीएमके गठबंधन में नहीं शामिल होंगे।
पिछले दिनों सामने आया कि तमिलगा वेत्री कझगम के सीनियर नेता तमिलनाडु चुनाव में राजधानी चेन्नई और उसके आस-पास के जिलों की विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। चेन्नई के आसपास के सीटों पर चुनाव लड़ने वालों की लिस्ट में पार्टी अध्यक्ष विजय का भी नाम शामिल है।
विजय कहां से लड़ सकते हैं चुनाव?
TVK नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया था कि थलापति विजय ने पांच विधानसभा सीटों को चुनाव लड़ने के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। इन सीटों में चेन्नई की वेलाचेरी और विरुगमबक्कम हैं। इसके अलावा विक्रवंडी, नागपट्टिनम और त्रिची पूर्व विधानसभा सीटों पर पार्टी अपने मजबूत उम्मीदवार उतारेगी।
TVK के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं। वह चेन्नई की वेलाचेरी और विरुगमबक्कम विधानसभा सीटों से अपनी चुनावी किस्मत आजमा सकते हैं। ऐसे में अब विजय के दो सीटों से चुनाव लड़ने की चर्चा पार्टी के साथ में पूरे राज्य में होने लगी है।