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इंदिरा के चहेते मनोज कुमार ने क्यों किया था उन्हीं की सरकार पर मुकदमा?

मनोज कुमार अपने समय में दर्शकों के ही नहीं राजनेताओं के भी फेवरेट थे। उनकी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से अच्छी दोस्ती थी। बाद में क्यों मनोज ने उन्हीं के सरकार के खिलाफ मुकदमा लड़ा था।

manoj kumar and indira gandhi

manoj kumar (Photo Credit: Pti)

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सुपर स्टार मनोज कुमार का करियर अपने आप में एक सिनेमाई कहानी है। उन्हें देशभक्ति फिल्मों का जनक माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में 'क्रांति', 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम', 'रोटी, कपड़ा और मकान' और 'शहीद' जैसी फिल्में बनाई थी। उनकी देशभक्ति की फिल्में लोगों का दिल छू लेती थी जिस वजह से फैंस उन्हें प्यार से भारत कुमार के नाम से बुलाते थे। उनका करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा।

 

उनकी जिंदगी का एक किस्सा इंदिरा गांधी के आपताल के दौर से जुड़ा है जब उन्हें सरकार के समर्थन में फिल्म बनाने के लिए कहा गया था। हालांकि बाद में कुछ कारणों से उन्होंने सरकार पर ही केस कर दिया था। मनोज कुमार उस केस को जीते भी थे। आइए जानते हैं क्या था मामला?

 

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कभी इंदिरा के चहेते थे मनोज कुमार

 

आपातकाल के समय में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जमकर आलोचना हुई थी। लोग उनसे नफरत करने लगे थे। उस समय में लोगों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए इंदिरा और संजय गांधी ने मनोज कुमार से एक फिल्म बनाने के लिए कहा था। लेहरन इंटरव्यू को दिए इंटरव्यू में मनोज ने कहा था, 'इस फिल्म की कहानी को सलीम खान और जावेद अख्तर ने मिलकर लिखा था।

 

अपने इंटरव्यू में मनोज कुमार ने खुलासा किया था कि उस फिल्म का नाम 'नया भारत' था। उन्होंने बताया था कि शुरुआत में उन्हें फिल्म की कहानी अच्छी लगी थी और वह उसमें गेस्ट अपीयरेंस करने के लिए तैयार थीं लेकिन कुछ महीनों बाद उन्होंने कहा कि वह फिल्म में सिर्फ अपनी आवाज देंगी। साथ ही फिल्म की स्क्रिप्ट को भी बदलने के लिए कहा गया। मैं इस बात से सहमत नहीं था। मैंने बाद में इस फिल्म को बनाने से मना कर दिया।

 

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मनोज ने क्यों किया था इंदिरा सरकार पर केस

 

कुमार ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा था कि सरकार का फैसला है कि रिलीज के 2 हफ्ते बाद ही फिल्म को टीवी पर रिलीज करना सही नहीं है। सरकार ने जनता में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए दूरदर्शन पर इन फिल्मों को दिखाने का फैसला लिया। इसका असर सिनेमाघरों में जाने वाले लोगों पर पड़ा।

 

1972 में मनोज कुमार की फिल्म 'शोर' रिलीज हुई थी। रिलीज के 2 हफ्ते बाद ही फिल्म की टीवी पर रिलीज कर दिया गया। इस वजह से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल पाई। यही हाल 1976 में उनकी फिल्म 'दस नंबरी' का हुआ। मनोज ने इस वजह से सरकार के खिलाफ केस कर दिया और वह मुकदमा जीत गए।

 

 


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