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...तो अब बंद होगा लाल सागर? ईरान जंग में हूती विद्रोहियों की एंट्री

ईरान से जंग के 28 दिन बाद हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर पहली बार बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया है। जंग में हूती विद्रोहियों के शामिल होने से लाग सागर में हालात बिगड़ने की आशंका है।

Houthi Rebels

हूती प्रवक्ता याह्या सरी। ( Photo Credit: Social Media)

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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग के ठीक एक महीने बाद यमन के हूती विद्रोहियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को यमन से बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई। इसकी वजह से दक्षिण इजरायल के बीरशेबा इलाके में सायरन बजने लगे। हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उधर, इजरायल ने हवा में ही मिसाइल को मार गिराने का दावा किया।

 

एक दिन पहले ही हूती विद्रोहियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोलने की धमकी दी थी। हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने शुक्रवार को कहा था कि अगर कोई नया गठबंधन ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का साथ देता है या लाल सागर का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण अभियान में किया जाता है तो हम सीधे सैन्य हस्तक्षेप को तैयार हैं। 

तो अब बंद होगा लाल सागर!

यमन के बड़े भूभाग पर हूती विद्रोहियों का कब्जा है। हमास के साथ इजरायल के युद्ध के दौरान हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों की आवाजाही पर बड़ा असर डाला था। अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल के कई जहाजों को निशाना बनाया गया था।

 

ऐसे में अगर हूती विद्रोही पूरी ताकत से मैदान में उतरते हैं तो वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। अभी तक होर्मुज की खाड़ी से ही तेल और गैस की सप्लाई रुकी है तो वहीं हूती के शामिल होने से लाल सागर के रास्ते व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। सऊदी अरब को अपने दक्षिणी पोर्ट से ऊर्जा का निर्यात करना मुश्किल होगा।

इजरायल के खिलाफ कई फ्रंट खुले

इजरायल के खिलाफ लेबनान में हिजबुल्लाह और इराक में शिया मिलिशिया गुट ने मोर्चा पहले ही खोल रखा है। हूती विद्रोहियों के शामिल होने से एक नया फ्रंट खुल जाएगा। हूती विद्रोहियों का कहना है कि वह लाल सागर को किसी भी मुस्लिम देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देंगे। उन्होंने इराक, लेबनान और फिलिस्तीन में इजरायल और अमेरिकी हमलों को रोकने की मांग की। 


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