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फसल चुराते देख भारतीयों ने बांग्लादेशियों को पीटा, बॉर्डर पर तनाव

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर शनिवार को भारतीय किसानों और बांग्लादेशी किसानों के बीच हिंसक झड़प हो गई। भारतीय नागरिकों ने बांग्लादेशियों पर फसल चोरी का आरोप लगाया है।

India bangladesh border farmers

प्रतीकात्मक तस्वीर। Photo credit- PTI

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बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर टेंशन बढ़ गई है। शनिवार को बॉर्डर पर भारतीय और बांग्लादेशी किसानों के बीच झड़प हुई है।  भारतीय किसानों ने दावा किया है कि बांग्लादेशी उनके खेतों में खड़ी फसल चुरा रहे थे, जबकि बांग्लादेशियों का कहना था कि भारतीयों ने सीमा पार कर उनके आम के पेड़ काट लिए हैं। 

 

दरअसल, भारतीय किसानों को खबर मिली थी कि बांग्लादेश के किसानों ने सुखदेवपुर में बीएसएफ की 119 सीमा चौकी के पास भारतीय क्षेत्र में फसल काटते हुए देखा। इसके बाद भारतीयों ने इसका विरोध किया।  बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि दोनों तरफ से बहस होने के बाद हिंसक टकराव हो गया। दोनों पक्षों के किसानों ने एक दूसरे पर पथराव किया।

 

सेना से संभाला मामला

 

टकराव के बाद बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के जवान मौके पर पहुंच गए। दोनों तरफ की सेना ने भीड़ को तितर-बितर करने लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद व्यवस्था बहाल हो पाई। हालांकि, बांग्लादेशी नागरिकों को दोपहर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 से 75 मीटर के भीतर देखा गया।

 

बांग्लादेशियों को फसल चुराते देखा

 

एक भारतीय किसान ने जानकारी देते हुए कहा, 'हम अपने खेतों में काम कर रहे थे, तभी हमने बांग्लादेशियों को हमारी फसल चुराते हुए देखा। जब इसको लेकर उनसे बहस हुई तो वे आक्रामक हो गए।' वहीं, बांग्लादेशी किसानों ने दावा किया कि जब वे जीरो लाइन के पास बांग्लादेशी क्षेत्र में गेहूं की कटाई करने गए थे। जब हम काम कर रहे थे तो तो भारतीय किसान सीमा पार करके बांग्लादेशी क्षेत्र में कई आम के पेड़ काट ले गए।

 

तीन बांग्लादेशी नागरिक घायल

हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया ने कहा है कि इस घटना में तीन बांग्लादेशी नागरिक घायल हुए हैं। बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट राकेश सिंह ने कहा, 'स्थिति नियंत्रण में है। दोनों पक्षों से किसी के घायल होने की खबर नहीं है।' उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों से कहा गया है कि वे ऐसी किसी भी घटना को अपने हाथों में ना लें बल्कि इसकी सूचना बीएसएफ को दें। 

 

वहीं, स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ग्राम प्रधानों से मिलकर बात करेंगे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएसएफ कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया है।


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