गुजरात के मेहसाणा जिले के बदलापुरा गांव के एक परिवार और उनकी तीन साल की बेटी का लीबिया में अपहरण कर लिया गया है। न्यूज एजेंसी PTI ने शनिवार (13 दिसंबर) को अधिकारियों के हवाले से बताया कि किस्मतसिंह चावड़ा, उनकी पत्नी हीनाबेन और बेटी देवांश को उस समय अगवा किया गया, जब वे पुर्तगाल जाने की कोशिश कर रहे थे। किडनैप करने वाले अब परिवार से दो करोड़ रुपये की फिरौती की मांग कर रहे हैं।
मेहसाणा पुलिस के सुपरिटेंडेंट हिमांशु सोलंकी ने बताया कि परिवार को लीबिया में तब किडनैप किया गया जब वे पुर्तगाल में किस्मतसिंह के भाई से मिलने जा रहे थे। हिमांशु ने बताया कि परिवार 29 नवंबर को गुजरात के अहमदाबाद से दुबई के लिए फ्लाइट लिया था।
यह भी पढ़ें- अपने यहां अचानक संस्कृत क्यों पढ़ाने जा रहा पाकिस्तान, इसके पीछे मंशा क्या है?
कैसे हुए किडनैप?
परिवार अहमदाबाद से दुबई के लिए 29 नवंबर को रवाना हुआ था। वहां से वे लोग लीबिया के बेंगाजी शहर गए जहां अगली जगह पहुंचने से पहले ही वे लोग किडनैप कर लिए गए। उनके परिवार ने इस घटना के बारे में जिले के डीएम एसके प्रजापति को जानकारी दे दी है। परिवार यूरोपियन देश में बसना चाहता था और एक पुर्तगाल-बेस्ड एजेंट की मदद से यात्रा कर रहा था। पुलिस ने बताया कि जिस एजेंट के साथ ये परिवार ट्रेवल कर रहा था वह भारतीय एजेंट नहीं था।
हिमांशु सोलंकी ने PTI को कहा, 'चावड़ा का भाई पुर्तगाल में रहता है, और वह पुर्तगाल में रहने वाले एक एजेंट की मदद से यात्रा कर रहा था। परिवार वहां बसने के इरादे से यात्रा कर रहा था, और इस मामले में शामिल एजेंट भारतीय नहीं हैं।'
उन्होंने बताया कि परिवार को किडनैप करने के बाद, किडनैपर्स ने मेहसाणा में उनके रिश्तेदारों से संपर्क किया और 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, जिसके बाद रिश्तेदारों ने शुक्रवार को मदद के लिए कलेक्टर एसके प्रजापति से संपर्क किया। उन्होंने यह भी बताया कि किडनैपिंग के बारे में राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय को जानकारी दे दी गई है।
यह भी पढ़ें- शहबाज से डोनाल्ड ट्रंप तक, किन-किन नेताओं से घंटों बाद मिले पुतिन
इसी तरह की घटना
इस साल जुलाई में, रंजीत सिंह नाम के एक भारतीय व्यक्ति को नाइजर के डोसो इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने किडनैप कर लिया था, जब वह एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहा था। बंदूकधारियों ने कथित तौर पर दो अन्य भारतीयों को भी मार डाला था।
रंजीत सिंह जम्मू और कश्मीर के रामबन जिले के रहने वाले हैं। नाइजर के स्थानीय मीडिया ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने डोसो में एक कंस्ट्रक्शन साइट की रखवाली कर रही सेना की एक यूनिट पर हमला किया, जो राजधानी नियामे से लगभग 130 किलोमीटर दूर है।