अमेरिका और इजरायल के द्वारा ईरान पर किए गए हमले का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। भारत, चीन, पाकिस्तान, जापान सहित यूरोपीय देशों में एलपीजी गैस की किल्लत होने लगी है, जिससे अमेरिका पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी NATO देशों को तो कभी चीन और जापान से होमुर्ज स्ट्रेट खुलवाले की गुहार लगा रहे हैं।
इस बीच इजरायल भी ईरान के सामने समझौता करने के लिए तैयार हो गया है। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने सोमवार को ईरान युद्ध खत्म करने की बात कही। रूवेन अजार ने कहा कि अगर ईरान अपना रुख बदलता है तो हम युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं।
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युद्ध का 17वां दिन
दरअसल, अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के ऊपर 28 फरवरी को हमला कर दिया था। इसी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इस तरह से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सोमवार को 17वां दिन है।
कूटनीतिक माध्यमों से हो रही बातचीत
रूवेन अजार ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में इजरायल ने कूटनीतिक माध्यमों से बातचीत की और अमेरिका तथा क्षेत्र के अन्य देशों में अपने साझेदारों से भी परामर्श किया है। उन्होंने कहा कि इस परामर्श में वह देश भी शामिल थे, जिनके साथ इजरायल के राजनयिक संबंध नहीं हैं।
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'ईरान बेहद मुश्किल स्थिति में'
उन्होंने कहा, 'हम हमेशा कूटनीति के पक्षधर हैं। दुर्भाग्य से कूटनीति के इतने प्रयास विफल हो गए कि हमें सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। हमें उम्मीद है कि हमारी सैन्य कार्रवाई के परिणामस्वरूप कूटनीति फिर से प्रासंगिक हो जाएगी।'
रूवेन अजार ने आगे कहा कि सैन्य कार्रवाई के जरिए 'हमने ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है। इस समय हम ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण कर रहे हैं। ईरान बेहद मुश्किल स्थिति में है।' उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपना रुख बदलता है और इजरायल को मान्यता देता है तो भविष्य उज्ज्वल होगा।