अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (एनसीटीसी) के प्रमुख जोसेफ केंट ने इस्तीफा दे दिया है। वह ट्रंप सरकार के सबसे बड़े अधिकारी हैं जिन्होंने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण इस्तीफा दिया है। केंट ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि वह 'अंतर्आत्मा की आवाज' की वजह से इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के लिए कोई 'तत्काल खतरा' (imminent threat) नहीं पैदा किया था। उनका आरोप है कि इजरायल और अमेरिका में उनकी प्रभावशाली लॉबी ने ट्रंप पर दबाव डालकर यह युद्ध शुरू करवाया।
केंट ने लिखा, 'ईरान ने हमारे देश के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं पैदा किया था और यह साफ है कि इजरायल और उसके अमेरिकी लॉबी के दबाव के कारण हमने यह युद्ध शुरू किया।' उन्होंने ट्रंप को याद दिलाया कि जून 2025 तक ट्रंप खुद मानते थे कि मिडिल ईस्ट के युद्ध अमेरिकी लोगों की जान लेते हैं और देश के धन को बर्बाद करते हैं। केंट का कहना है कि इजरायल के बड़े अधिकारी और अमेरिकी मीडिया के कुछ प्रभावशाली लोगों ने 'गलत जानकारी फैलाकर' (misinformation campaign) युद्ध के पक्ष में माहौल बनाया। उन्होंने इसे 'इको चैंबर' कहा, जिससे 79 साल के ट्रंप को लगाया गया कि ईरान तुरंत हमला कर सकता है और युद्ध आसानी से जीता जा सकता है।
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इराक युद्ध से की तुलना
केंट ने 2003 के इराक युद्ध से तुलना की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने तब भी गलत जानकारी फैलाकर अमेरिका को इराक युद्ध में खींचा था और अब वही तरीका ईरान के साथ इस्तेमाल कर रहा है।
एक पूर्व सैनिक और 11 बार विदेश में तैनात रह चुके केंट ने कहा कि वह 'इजरायल द्वारा बनाए गए युद्ध' में नई पीढ़ी को मौत के मुंह में नहीं भेज सकते, जिसमें अमेरिकी लोगों को कोई फायदा नहीं है। वह गोल्ड स्टार पति हैं (यानी उनकी पत्नी युद्ध में शहीद हुई थीं)।
दोबारा विचार करने को कहा
उन्होंने ट्रंप से अपील की कि वह इस फैसले पर दोबारा सोचें। केंट ने लिखा, 'मैं प्रार्थना करता हूं कि आप ईरान में जो हो रहा है, उस पर विचार करेंगे और यह सोचेंगे कि हम किसके लिए यह कर रहे हैं। अब बहादुरी से फैसला लेने का समय है। आप रास्ता बदल सकते हैं और देश के लिए नया रास्ता बना सकते हैं, या हमें और अराजकता की ओर धकेल सकते हैं। फैसला आपके हाथ में है।'
अधिकारियों के अनुसार, ईरान में कम से कम 1,300 लोग मारे गए हैं, वहीं लेबनान में 880 से ज्यादा और इजरायल में 12 लोग मारे गए हैं। अमेरिकी सेना के 13 जवान शहीद हुए हैं और करीब 200 घायल हैं।
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कौन हैं जोसेफ केंट
केंट जुलाई 2025 में एनसीटीसी के प्रमुख बने थे। उनकी नियुक्ति पर डेमोक्रेट्स ने विरोध किया था क्योंकि उनके पुराने संबंध दक्षिणपंथी चरमपंथियों से थे। 2022 में कांग्रेस चुनाव में उन्होंने प्राउड बॉयज ग्रुप के सदस्य से सलाह ली थी और अन्य दक्षिणपंथी लोगों का समर्थन लिया था। सीनेट सुनवाई में उन्होंने 6 जनवरी 2021 के कैपिटल हमले पर साजिश थ्योरी से दूरी नहीं बनाई और 2020 चुनाव में ट्रंप की जीत के झूठे दावों पर भी कुछ नहीं कहा। यह इस्तीफा ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, जो फरवरी 2026 से चल रहा है।