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ईरान जंग में बेहाल एयर इंडिया! 2,500 उड़ानें रद्द, कंपनी को सताने लगी चिंता

एयर इंडिया इस समय ईरान युद्ध की मार झेल रहा है। युद्ध की वजह से कंपनी ने मिडिल ईस्ट जाने वाली हजारों उड़ानों को रद्द कर दिया है।

Air India flight

एयर इंडिया।

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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अबतक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अरबों डॉलर का नुकसान अभी तक हो चुका है। भारत भी इस नुकसान से अछूता नहीं है। इस बीच खबर आमने आई है कि एयर इंडिया ने पिछले तीन हफ्तों में पश्चिम एशिया जाने वाली तकरीबन 2,500 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन ने बताया है कि वह इस पूरे इलाके में अपने फुल शेड्यूल ऑरेशन का सिर्फ 30% ही फ्लाइट उड़ा रही है।

 

एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने शुक्रवार को कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में कहा कि यह कदम ईरान में चल रहे युद्ध की वजह से उठाया गया है। विल्सन ने कहा, 'दुनिया, हमारा इलाका और हमारी इंडस्ट्री मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े के असर से जूझ रही है। मिडिल ईस्ट में और उसके जरिए हमारे ऑपरेशन के आम स्केल को देखते हुए एयर इंडिया ग्रुप पर इसका असर काफी ज्यादा है।'

 

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एयरपोर्ट और एयरस्पेस बंद हैं

उन्होंने कहा, 'झगड़ा शुरू होने के तीन हफ्तों में हमें इस इलाके के लिए करीब 2,500 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी हैं। आज की तारीख में हम अपने नॉर्मल मिडिल ईस्ट शेड्यूल का सिर्फ 30% ही ऑपरेट कर पा रहे हैं क्योंकि एयरपोर्ट और एयरस्पेस बंद हैं। उन्हें हमारी सुरक्षा लिमिट से बाहर माना जा रहा है।'

इंडस्ट्री पर असर पड़ना शुरू

विल्सन ने कहा कि इस रुकावट की वजह से हमारी इंडस्ट्री पर असर पड़ना शुरू हो गया है, जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं। उन्हने कहा, 'ज्यादा असर अगले महीने से ही पड़ेगा। एयरलाइन ने बढ़ती लागत को थोड़ा कम करने के लिए पहले ही नए टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगा दिया है।'

 

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एयर इंडिया तलाश रहा नया मार्केट

उन्होंने आगे कहा, 'ब्रिटेन, यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली दूसरी फ्लाइट्स को पिछले साल पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से इस्तेमाल किए जा रहे लंबे फ्लाइट रास्तों से और भी दूर भेजा जा रहा है, जिससे ज्यादा तेल खर्च हो रहा है और ज्यादा समय लग रहा है।' हालांकि, उन्होंने बड़ी आर्थिक अनिश्चितता के बीच यात्रा की मांग में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर कस्टमर ज्यादा हवाई किराया देने को तैयार नहीं है इसलिए डिमांड कम होने से पहले हम कितनी ज्यादा कीमतें रख सकते हैं, इसकी एक सीमा है।

 

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे मार्केट में नए मौके देख रही है। इस क्षेत्र में एयर इंडिया की  फ्लाइट्स चला रही हैं।


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