logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'ऑपरेशन सिंदूर बेकार गया,' भारत-पाक क्रिकेट मैच पर पीड़ित परिवार

एशिया कप 2025 विवादों में है। जिनके अपने, पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए हैं, उन्हें यह मैच रास नहीं आ रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित क्या कह रहे हैं, पढ़ें।

Asia Cup 2025

भारत और पाकिस्तान एशिया कप 2025 में भिड़ रहे हैं। (Photo Credit: PTI)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

एशिया कप 2025 का यह सीजन, सबसे विवादित है। क्रिकेट के कुछ प्रशंसक इस मैच का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं तो देश का एक बड़ा वर्ग है, जिसे यह मैच चुभ रहा है। रविवार को एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच मुकाबला होने वाला है लेकिन इस मुकाबले पर सवाल उठ रहे हैं। पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमलों में जिन्होंने अपनों को गंवाया है, उन्हें इस मैच के होने पर ऐतराज है। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर तो बेकार  चला गया, क्योंकि जब 'खून और पानी' एक साथ नहीं बहेंगे का वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया तो फिर मैच क्यों खेला जा रहा है। 

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले पीड़ित परिवारों ने भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच की आलोचना की है। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 पर्यटकों की जान ले ली थी। पीड़ित परिवारों ने इस मैच के आयोजन पर सवाल खड़े किए हैं।

यह भी पढ़ें: IND vs PAK: एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच पर बवाल, क्या बोला BCCI?
  
गुजरात के भावनगर में सावन परमार रह रहे हैं। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में अपने पिता और भाई को गंवाया है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का रिश्ता नहीं रखना चाहिए। अगर आप मैच खेलना चाहते हैं, तो पहले मेरे 16 साल के भाई को वापस लाएं, जिसे गोलियों से भून दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर अब बेकार लगता है।'

'हमारे जख्म भरे नहीं फिर मैच क्यों'

सावन की मां किरण यतीश परमार:-
जब ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरा नहीं हुआ, तो यह मैच क्यों हो रहा है? यह मैच नहीं होना चाहिए। मैं पूरे देश से कहना चाहती हूं कि उन परिवारों से मिलें, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपनों को खोया है। हमारे जख्म अभी भरे नहीं हैं।

भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर, पहलगाम आतंकी हमले के शिकार शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने कहा, 'BCCI को भारत और पाकिस्तान के बीच मैच स्वीकार नहीं करना चाहिए था। हमारे देश में लोगों को इसे स्वीकार नहीं करना चाहिए था। मुझे लगता है कि BCCI उन 26 परिवारों के प्रति इमोशनल नहीं है। और ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए जवान। इनकी शहादत आपके लिए महत्वहीन है। आपकी नजरों में इनकी वैल्यू नहीं है।'

यह भी पढ़ें: 5 अनजान पाकिस्तानी खिलाड़ी, जो बिगाड़ सकते हैं टीम इंडिया का गेम

ऐशान्या द्विवेदी:- हमारे क्रिकेटर क्या कर रहे हैं? कहा जाता है कि क्रिकेटर राष्ट्रवादी होते हैं। इसे हमारा राष्ट्रीय खेल माना जाता है। लेकिन 1-2 क्रिकेट खिलाड़ियों को छोड़कर, किसी ने आगे आकर यह नहीं कहा कि हमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार करना चाहिए। हम पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहते। बीसीसीआई की इतनी हिम्मत तो नहीं है कि उन्हें बंदूक की नोक पर खेलने के लिए मजबूर कर दे। उन्हें अपने देश के लिए खड़ा होना चाहिए। लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।'

ऐशान्या द्विवेदी ने कहा, 'मैं प्रायोजकों और प्रसारकों से पूछना चाहती हूं कि क्या इन्हें 26 परिवारों का दर्द नहीं दिखता। मैच से होने वाली कमाई का इस्तेमाल क्या होगा। पाकिस्तान इसका इस्तेमाल सिर्फ आतंकवाद के लिए करेगा। पाकिस्तान आतंकी देश है। आप उन्हें रेवेन्यू दे रहे हैं। वे हम पर फिर से हमला करेंगे। मैं इस मैच के बहिष्कार की बात कहती हूं। मत देखिए मैच।' 

 


और पढ़ें