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छत्तीसगढ़: तिरपाल बना कफन, डंडा बना स्ट्रेचर, नक्सलियों का बुरा अंजाम

सुकमा और दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कई नक्सली मारे गए हैं। DRG और CRPF की पूरी फौज एंटी नक्सल ऑफरेशन में उतर गई थी। पढ़ें इस एनकाउंट की पूरी कहानी।

तिरपाल कफन, डंडा स्ट्रेचर, नक्सलियों की लाशों को कंधे पर ढो रहे जवान

छत्तीसगढ़ एनकाउंट। (Photo Credit: PTI)

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छत्तीसगढ़ के सुकमा और दंतेवाड़ा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड्स (DRG) के संयुक्त ऑपरेशन में कम से कम 16 नक्सली ढेर हो गए हैं। केरलापाल थाना इलाके में हुए इस एनकाउंटर में सुरक्षाबलों के 2 जवान घायल हो गए हैं। दोनों जवान DRG के हैं। बस्तर क्षेत्र के IG सुंदरराज पी ने कहा है कि मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। एनकाउंटर जंगली इलाके में सुबह करीब आठ बजे हुआ है।

सुरक्षाबल शुक्रवार देर रात नक्सल विरोधी अभियान के लिए निकले थे। CRPF और DRG के जवान जब जंगल सुकमा-दंतेवाड़ा के जंगलों में पहुंचे तो घिरने पर नक्सलियों ने फायरिंग कर दी। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए। IG सुंदरराज ने कहा है कि नक्सलियों के पास से बड़ी संख्या में हथियार भी बरामद हुए हैं।

तिरपाल में लाशें बांध, कंधे पर ढो रहे जवान
सुकमा और दंतेवाड़ा में हुई मुठभेड़ में जो 16 नक्सली मारे गए हैं, उनकी लाशों को सुरक्षाबलों के जवान कंधे पर ढोकर वापस ला रहे हैं। मुठभेड़ घने जंगलों में हुई थी, वहां तक सुरक्षाबल पैदल ही गए थे। जवानों ने लाशों को तिरपाल में पहले लपेटा फिर बांस के डंडे से बांध दिया। जवान नक्सलियों की लाशों को कंधे पर ढोते नजर आ रहे हैं। 10 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी से जवान लाशें लेकर आ रहे हैं। CRPF की मानें तो मृतकों के आंकड़े और बढ़ सकते हैं।  

यह भी पढ़ें: सुकमा-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर मुठभेड़, 16 माओवादी ढेर, 2 जवान जख्मी



जनवरी से अब तक 132 नक्सली ढेर
जनवरी से लेकर अब तक सुरक्षाबलों के संयुक्त ऑपरेशन में 132 नक्सली मारे जा चुके हैं। नक्सलियों के खात्मे पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है, 'नक्सलवाद पर एक और प्रहार। हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में एक अभियान में 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया है और स्वचालित हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए संकल्पित हैं। हथियार रखने वालों से मेरी अपील है कि हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता; केवल शांति और विकास ही बदलाव ला सकता है।'

यह भी पढ़ें: क्या नक्सलफ्री होगा छत्तीसगढ़?

 

छत्तीसगढ़ में अब तक के बड़े एनकाउंट

  • 4 जनवरी 2025: अबूझमाड़ में मुठभेड़, 5 नक्सली ढेर
  • 16 जनवरी 2025: दक्षिण बस्तर, 12 नक्सली ढेर 
  • 1 फरवरी 2025: बीजापुर, 8 नक्सली ढेर
  • 9 फरवरी 2025: बीजापुर, 31 नक्सली ढेर
  • 20 मार्च 2025: बीजापुर और कांकेर,  22 नक्सली ढेर
  • 25 मार्च 2025: दंतेवाड़ा में 3 नक्सली ढेर

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