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धर्मांतरण रैकेट के गाजा से जुड़े हैं तार, ऑनलाइन गेमिंग से किया टारगेट

पुलिस ने दो पाकिस्तानी व्यक्तियों—तनवीर अहमद और साहिल अदीम—के नाम भी सामने लाए हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों से संपर्क में थे।

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छांगुर बाबा । Photo Credit: AI Generated

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आगरा पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस महीने की शुरुआत में पकड़े गए एक धर्मांतरण के रैकेट के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट में कई लड़कियों को सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम्स, एनक्रिप्टेड चैट ऐप्स और डार्क वेब के जरिए निशाना बनाया गया। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान में रहने वाले कुछ लोग इन लड़कियों को इस्लाम अपनाने के लिए उकसा रहे थे। इसके अलावा, कश्मीर की कुछ महिलाएं भी इस नेटवर्क का हिस्सा थीं, जो हिंदू धर्म की आलोचना करती थीं और इस्लाम को बढ़ावा देती थीं।

 

आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा, 'हमने 14 गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की है और बचाई गई लड़कियों से बात की है। पता चला कि वे पाकिस्तान में रहने वाले लोगों के संपर्क में थीं, जो उन्हें इस्लाम के बारे में बताते थे। कश्मीर की कुछ लड़कियां भी उन्हें धर्म बदलने के लिए प्रभावित कर रही थीं।' पुलिस ने दो पाकिस्तानी व्यक्तियों—तनवीर अहमद और साहिल अदीम—के नाम भी सामने लाए हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों से संपर्क में थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह नेटवर्क ऑनलाइन गेमिंग और सुरक्षित चैट ऐप्स का इस्तेमाल करके युवाओं, खासकर लड़कियों को, धीरे-धीरे धार्मिक विचारों की ओर ले जाता था।

 

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गाजा से आए पैसे

पुलिस ने बताया कि इस रैकेट को चलाने वाले दो मुख्य लोग—अब्दुल रहमान (पहले महेंद्र पाल) और आयशा (पहले एसबी कृष्णा)—हिरासत में हैं। इसके अलावा, 12 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य आरोपी, रहमान कुरैशी, ने क्राउडफंडिंग के जरिए पैसे जुटाए और क्रिप्टोकरेंसी व विदेशी मुद्रा में लेनदेन किया। इनमें से कुछ पैसे गाजा स्ट्रिप के लोगों से जुड़े पाए गए।

 

पुलिस ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क के कम से कम तीन लोग डार्क वेब और एनक्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करने में माहिर थे। वे कोडेड भाषा में बात करते थे ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें।

लड़की बनी अहम गवाह  

उत्तराखंड से बचाई गई 21 साल की एक लड़की ने आगरा में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। वह इस मामले में मुख्य गवाह है। पुलिस ने देहरादून, बरेली, अलीगढ़, झज्जर और रोहतक से कई अन्य लड़कियों को भी बचाया है। इनसे पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क के बारे में और जानकारी मिल सके।

 

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पिछले हफ्ते, हरियाणा से भी एक महिला को इस मामले में बचाया गया था। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। आगरा पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इस रैकेट के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रही है।

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