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'10 रुपये के डायपर भी नहीं होते लीक', NEET UG पेपर रद्द होने पर भड़के खान सर

परीक्षा से पहले ही NEET (UG) परीक्षा के सवाल लीक हो जाने के चलते परीक्षा ही रद्द कर दी गई है। इस मामले में खान सर ने सरकार पर तंज कसा है और जांच की मांग की है।

Khan sir

खान सर, Photo Credit- ANI

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नीट यूजी (NEET UG) 2026 की परीक्षा रद्द हो गई है, जिससे लाखों छात्रों की पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह परीक्षा इसलिए रद्द की है क्योंकि पेपर लीक हो गया था। ऐसे में मशहूर टीचर खान सर ने एनटीए (NTA) की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। खान सर ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा कंडक्ट कराने में पूरी तरह असफल है। जिसके बाद उन्होंने ताना मारते हुए कहा कि 10 रुपये वाला डायपर भी कभी लीक नहीं होता है जबकि देश के सबसे बड़े एग्जाम का पेपर लीक हो जाता है। खान सर का मानना है कि पेपर लीक किसी अधिकारी की मदद से हुआ था। पेपर रद्द के मामले की सीबीआई जांच में जुटी है।

 

NEET UG की परीक्षा 3 मई को हुई थी लेकिन पेपर लीक होने की वजह से एग्जाम कैंसिल कर दिया गया। इस फैसले से न सिर्फ खान सर नाराज हैं बल्कि देश के लाखों छात्र भी दुखी हैं। जानकारी के लिए बता दें, यह पहली बार नहीं है जब नीट यूजी का पेपर लीक हुआ हो। इससे पहले 2024 में भी पेपर लीक हो चुका था।

 

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एग्जाम रद्द होने पर खान सर ने क्या कहा?

खान सर ने एनटीए पर आरोप लगाते हुए कहा, 'जो नीट यूजी पेपर हुआ है, वह लाखों बच्चों के साथ खिलवाड़ है। इससे बच्चों का मनोबल तोड़ा जा रहा है। सबसे दुखद बात यह है कि दो साल पहले भी पेपर लीक हुआ था, जिसमें सीबीआई जांच हुई लेकिन नतीजा कोई नहीं निकला।'

 

इसके बाद उन्होंने कहा, 'पेपर लीक में रोज की बात यह है कि इसकी जानकारी किसी एजेंसी ने नहीं दी, बल्कि छात्रों ने सरकार को बताया कि देखिए हमारा पेपर लीक हो गया है। मतलब एनटीए एजेंसी का काम क्या है। इसका मतलब क्या है, हमने जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को एग्जाम कराने की जिम्मेदारी दी है, वह सबसे ज्यादा गलत है। इस एजेंसी का नाम ही होना चाहिए 'नेवर ट्रस्ट एजेंसी' मतलब जो 10 रुपये का डायपर होता है, वह भी लीक नहीं होता, जबकि एनटीए का एग्जाम लीक हो जाता है।' 

 

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इसके अलावा खान सर का मानना है कि सीबीआई की जांच से बच्चों को न्याय नहीं मिल पाएगा क्योंकि जांच लंबी खिंच जाएगी। खान सर ने वर्तमान सरकार को सलाह देते हुए कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच में रिटायर्ड जज को शामिल किया जाना चाहिए। पिछली बार 2024 में पेपर लीक हुआ था, जिसकी जांच इतनी लंबी चली थी कि कोई परिणाम नहीं निकल पाया।

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