logo

मूड

ट्रेंडिंग:

डिजिटल युग में राष्ट्रीय सुरक्षा को नया रूप दे रहा है डिजिटल स्टेटक्राफ्ट फोरम!

डिजिटल दुनिया में राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने आ रहे साइबर खतरों पर चर्चा के लिए फ्यूचर शिफ्ट की अगुवाई में डिजिटल स्टेटक्राफ्ट फोरम का आयोजन किया गया था। 

future shift labs

वक्ताओं का स्वागत करते FSL के को-फाउंडर सागर विश्वोई, Photo Credit: FSL

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

डिजिटल दुनिया अब सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि शक्ति, प्रभाव और युद्ध का नया मैदान बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए फ्यूचर शिफ्ट लैब्स ने इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) और गोवा यूनिवर्सिटी के सहयोग से 17 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में फोरम ऑन डिजिटल स्टेटक्राफ्ट का आयोजन किया। यह कार्यक्रम नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, रणनीतिक विशेषज्ञों और विचारकों को एक मंच पर लाया, जहां साइबर गवर्नेंस, कॉग्निटिव वॉरफेयर (संज्ञानात्मक युद्ध) और विदेशी सूचना हेरफेर एवं हस्तक्षेप (FIMI) जैसे गंभीर मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

 

यह फोरम इस पर केंद्रित था कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतांत्रिक मजबूती और वैश्विक स्थिति को डिजिटल खतरे कैसे प्रभावित कर रहे हैं। 

 

यह भी पढ़ें: FSL ने लॉन्च किया भारत का पहला AI लेजिस्लेचर्स फोरम AILF

 

इस मौके पर तीन ओरिजिनल रिसर्च प्रजेंटेशन ने चर्चा को दिशा दी:

1. वैश्विक साइबर गवर्नेंस में भारत की भूमिका और उसकी कूटनीतिक योगदान
2. वेपनाइज्ड कॉग्निशन, नैरेटिव इंपैक्ट और कॉग्निटिव वॉरफेयर के तंत्र
3. विदेशी हस्तक्षेप, डिसइन्फॉर्मेशन नेटवर्क और भारत को निशाना बनाने वाली FIMI गतिविधियां

 

इन प्रस्तुतियों से उभरे प्रमुख खतरे, रणनीतिक कमजोरियां और संस्थागत मजबूती के लिए कई प्रैक्टिकल सुझाव सामने आए। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि आज की शक्ति अब सीमाओं तक सीमित नहीं, यह कोड, नैरेटिव्स, नेटवर्क और धारणा प्रबंधन के जरिए फैलती है। फोरम में सांसद सुजीत कुमार और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) में भारत की प्रतिनिधि रेवती मन्नेपल्ली भी शामिल हुईं।

 

यह भी पढ़ें: डिजिटल डिफेंडर्स: साइबर सुरक्षा के लिए UP पुलिस के साथ आई FSL

 

इन विशेषज्ञों का मानना है कि अब कॉग्निटिव रेजिलिएंस (संज्ञानात्मक लचीलापन) और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित जवाब को राष्ट्रीय सुरक्षा का मूल हिस्सा मानना होगा, खासकर तेजी से बदलते तकनीकी और भू-राजनीतिक परिदृश्य में। फ्यूचर शिफ्ट लैब्स जैसे थिंक टैंक्स की ऐसी पहल भारत को डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत स्थिति बनाने में मदद कर रही है। क्या भारत डिजिटल स्टेटक्राफ्ट में अगली बड़ी ताकत बन सकता है? यह फोरम इसी दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है। 

 

Related Topic:#Future Shift Labs

और पढ़ें