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'जान वापस आ गई', नेपाल से लौट रहे भारतीयों ने क्या बताया?

नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारत के लोग अपने देश लौटने लगे हैं। ऐसे लोगों का कहना है कि नेपाल में स्थिति बेकाबू हो गई है और वापस लौटकर ऐसा लग रहा है जैसे जान में जान आ गई हो।

India- Nepal Border

भारत-नेपाल बॉर्डर, Photo credit- PTI

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नेपाल में चल रहे हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9 सितंबर को इस्तीफा दे दिया। नेपाल की आर्मी ने देश में सुरक्षा कारणों की वजह से पूरा कंट्रोल ले लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीयों को सुरक्षित देश वापस लौटने और फिलहाल नेपाल नहीं जाने की हिदायत दी है। 9 सितंबर को जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि स्थिति सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा न करें। इस बीच पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और उत्तर प्रदेश में मौजूद कई बॉर्डर पोस्ट के रास्ते भारत के लोग नेपाल से लौटने लगे हैं। नेपाल से लौट रहे लोग अलग-अलग कारणों से वहां गए थे। इसमें कुछ पशुपतिनाथ गए दर्शनार्थी भी शामिल हैं। अपने देश सुरक्षित लौट आने के बाद इन लोगों ने राहत की सांस ली है।

 

MEA की एडवाइजरी जारी करने के बाद से भारतीयों की देश वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में स्थित सोनौली बॉर्डर और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में स्थित पानीटंकी बॉर्डर के जरिए लोग लौट रहे हैं। ऐसे कुछ लोगों ने बताया है कि नेपाल की स्थिति नियंत्रण में नहीं है और घर वापस आकर उनको अच्छा लग रहा है।   

 

भारत ने जारी की है एडवाइजरी

 

नेपाल में हुए हिंसक प्रोटेस्ट के कारण विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की जिसमें कहा गया, 'भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टाल देनी चाहिए। नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई कि वे अपने घर पर ही रहें, सड़कों पर न निकलें और सभी सावधानियां बरतें।' भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में लगभग 6 लाख भारतीय रहते हैं। 

 

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विदेश मंत्रालय ने भारतीयों की मदद के लिए काठमांडू में स्थित भारतीय दूतावास का हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। साथ ही कहा है कि जिनको भी मदद चाहिए वे इन हेल्पलाइन नंबरों +977 – 980 860 2881 और +977 – 981 032 6134 पर संपर्क कर सकते हैं। 

 

लोगों ने क्या बताया?

भारत और नेपाल के बीच टूरिज्म एक बहुत अच्छा कनेक्शन है। भारत के लोग नेपाल में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर या अन्य जगहों पर घूमने जाते रहते हैं। दोनों देशों में घूमना आसान है क्योंकि भारतीय और नेपाली नागरिकों को घूमने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती। नेपाल में हुए प्रोटेस्ट के बाद लोगों को अपनी यात्राएं रोकनी पड़ रही है। कई लोग फ्लाइट कैंसिल होने से दुखी है तो कई लोग वापस आकर खुश हैं। 

 

 

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नेपाल से वापस असम लौट रहे कोहिला ने बताया,  'नेपाल में कुछ नॉर्मल नहीं है। वापस आकर अच्छा लग रहा है, जान वापस आ गई।'

 

 

एयर इंडिया, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने 9 सितंबर को नई दिल्ली और काठमांडू के बीच अपनी सभी फ्लाइट कैंसिल कर दीं हैं। साथ ही नेपाल की राजधानी में त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है।

 

 

नेपाल प्रोटेस्ट

 

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने 9 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने संसद सहित सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की और नेताओं के घरों पर हमला किया था। यह घटना एक दिन पहले हुई थी, जब सरकार ने प्रदर्शनों पर कार्रवाई की थी। इसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी और 400 से अधिक लोग घायल हो गए थे।


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