पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो संपन्न हो चुके हैं लेकिन नतीजों का इंतजार हर किसी को है। वोटों की गिनती से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच आरोप और प्रत्यारोपों का सिलसिला चल पड़ा है। शुक्रवार को बीजेपी ने दावा किया कि बिधाननगर में एक स्ट्रॉन्गरूम बिना अनुमति के पहले ही खोल दिया गया था और इसे कम से कम 10 बार खोला जा चुका है।
बीजेपी नेता और विधाननगर से उम्मीदवार शरद्वत मुखोपाध्याय ने कहा, 'हमें स्ट्रॉन्गरूम खोलने का एक तय समय दिया गया था। हम समय पर पहुंचे तो देखा कि स्ट्रॉन्गरूम पहले से ही खुला हुआ था। बाद में पता चला कि इसे 10 बार से ज्यादा खोला जा चुका है। हमने पूछा कि किसने अनुमति दी और हमें क्यों नहीं बताया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।'
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BJP ने भी धांधली का आरोप लगाया, 6 अधिकारी निलंबित
बीजेपी ने इस मामले की शिकायत विधाननगर के एसडीओ से की है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के बाद छह अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है। गुरुवार को टीएमसी ने कोलकाता के खुदीराम काउंटिंग सेंटर के बाहर धरना दिया था।
TMC ने स्ट्रॉन्ग रूम में दखल पर जताया शक
टीएमसी नेताओं कुणाल घोष और शशि पांजा ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज में अंदर अनाधिकारिक लोग दिख रहे थे जो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। ममता बनर्जी ने भी वीडियो संदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं से स्ट्रॉन्गरूम पर 24 घंटे नजर रखने को कहा था। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी वोट बदलने की साजिश रच रही है।
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चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज किया
चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोपों को खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि स्ट्रॉन्गरूम सुरक्षित हैं और वहां पोस्टल बैलट अलग करने का काम सामान्य रूप से चल रहा था।
बंगाल में तनावपूर्ण हैं हालात
चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के 15 बूथों पर दोबारा मतदान का आदेश भी दे दिया है। बंगाल में माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर अनियमितताओं के आरोप लगा रही हैं।