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महामारी के बाद बूम…फिर ब्रेक, विदेशी टूरिस्टों में भारी गिरावट, क्या हैं आंकड़े?

कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय पर्यटन उद्योग की तेजी से रिकवरी ने उम्मीद जगाई थी। लेकिन, लोकसभा में पर्यटन मंत्री द्वारा जारी किए गए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है।

International tourists In front of Taj Mahal

ताजमहल के सामने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक। (Photo Credit: PTI)

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भारत में पर्यटन क्षेत्र के लिए पिछला कुछ समय उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कोरोना महामारी की पाबंदियों के खत्म होने के बाद जहां एक ओर वर्ष 2024 में भारतीय पर्यटन ने एक नया इतिहास रचा और रिकॉर्ड संख्या में विदेशी सैलानियों का स्वागत किया, वहीं अब ताजा आंकड़े कुछ चिंताजनक संकेत दे रहे हैं। पर्यटन मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जिस रफ्तार से विदेशी पर्यटकों (International Tourist Arrivals - ITA) की संख्या में उछाल आया था, अब उसमें ब्रेक लगता नजर आ रहा है।

 

पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में कहा कि 2024 में भारत आने वाले अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या ने महामारी से पहले के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2019 में 17.91 मिलियन टूरिस्ट आए थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 20.57 मिलियन (प्रोविजनल) तक पहुंचने का अनुमान था, जो 14.82% की बढ़ोतरी है। हालांकि, 2025 के प्रोविजनल आंकड़ों ने इस बूम पर रोक लगा दी है और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों में गिरावट आई है।

 

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2024 और 2025 के आंकड़ों की तुलना

पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या 2,05,68,622 रही थी, जो कि 2023 की तुलना में 8.9% की वृद्धि दर्शाती थी। लेकिन साल 2025 के शुरुआती और अनंतिम आंकड़े इस रफ्तार के धीमे होने का प्रमाण दे रहे हैं। वर्ष 2025 में पर्यटकों की संख्या घटकर 2,00,85,644 रह गई है। यह पिछले वर्ष (2024) की तुलना में -2.4% की गिरावट है। यह कमी उन उम्मीदों के विपरीत है जिनमें पर्यटन क्षेत्र के निरंतर विस्तार की संभावना जताई जा रही थी।

क्या हैं गिरावट के संभावित कारण?

माना जा रहा है कि पर्यटन क्षेत्र में इस मामूली गिरावट के पीछे कई वजहें हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक दबाव, हवाई किराए की बढ़ती कीमतें और कुछ इलाकों में भू-राजनीतिक तनाव ने ट्रैवल प्लान पर असर डाला है। इसके अलावा, कई प्रतिस्पर्धी वाले देशों ने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जोरदार कैंपेन शुरू किए हैं, जिससे टूरिस्ट की दिलचस्पी कम हो गई है।

 

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क्या है सरकार का प्लान?

विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठी है। मंत्रालय ने साफ किया है कि संभावित पर्यटक बाजारों में भारत की पैठ बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रमुख देशों में 'पर्यटन रोड-शो' आयोजित किए जा रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा व्यापार प्रदर्शनियों एवं मेलों में भारत अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। साथ ही, विदेशी टूर ऑपरेटरों, मीडिया घरानों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के लिए 'परिचायक दौरों' का आयोजन किया जा रहा है ताकि वे भारत के पर्यटन स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव ले सकें और उनका प्रचार कर सकें।

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