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सीपी मोइदीन: माओवादी जिसे देश के लिए खतरा बता रही NIA

NIA ने सीपी मोइदीन उर्फ गिरीश के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट अदालत में पेश की है। उन पर UAPA के तहत केस चल रहा है। क्या है पूरा मामला, विस्तार से समझते हैं।

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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी. (Photo Credit: PTI)

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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित वामपंथी संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के शीर्ष नेता सीपी मोइदीन उर्फ गिरीश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। सीपी मोइदीन पर देश के खिलाफ साजिश रचने के आरोप हैं। उसके खिलाफ देश के खिलाफ जंग छेड़ने और माओवादी साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। हैदराबाद विशेष NIA अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की गई है। 

 

NIA की जांच में यह खुलासा हुआ है कि सीपी मोइदीन सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने की माओवादी साजिश में शामिल था। वह सक्रिय था और संगठनात्मक स्तर पर काम कर रहा है। वह CPI (माओवादी) के पश्चिमी घाट विशेष क्षेत्रीय समिति का सदस्य था। 

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CP मोइदीन है कौन?

CP मोइदीन CPI माओवादी है। कई हिंसक वारदातों में शामिल रहा है। वह माओवादी गतिविधियों में शामिल रहा है। उसका काम माओवादियों को ट्रेन करना और संगठित करना रहा है। मोइदीन ने माओवादी विचारधारा को बढ़ावा दिया और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा। 

सीपी मोइदीन ने केरल-कर्नाटक और तमिलनाडु ट्राई जंक्शन में सुरक्षाबलों पर हमले की योजना तैयार की। उसे अगस्त 2024 में केरल पुलिस ने हिरासत में लिया था। जनवरी 2025 में उसे NIA ने धर दबोचा। यह केस तेलंगाना पुलिस ने दर्ज किया था। 

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पुलिस ने माओवादी संजय दीपक राव को गोला, बारूद और नक्सली साहित्य के साथ गिरफ्तार किया था। NIA ने इस केस को लिया था। CPI (माओवादी) के अर्बन नक्सल अभियान के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है।  

CPI (माओवादी) का इतिहास क्या है?

भारत में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) को 22 जून 2009 से UAPA के तहत प्रतिबंधित किया गया है। यह संगठन 2004 में CPI (ML) पीपल्स वॉर और MCCI के विलय से बना था। 

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        एजेंडा क्या है?  

  • सशस्त्र विद्रोह और हिंसा के जरिए सरकार को उखाड़ फेंकना

    बैन होने की वजह

  • हिंसक हमलों में संलिप्त होने के आरोप
  • सुरक्षाबलों और नागरिकों की हत्या में शामिल होने के आरोप
  • राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
  • छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में बेहद सक्रिय

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