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15 एग्जाम, 1 करोड़ अभ्यर्थी, आउटसोर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रहा NTA 

साल में एक करोड़ से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए 15 परीक्षाएं करवाने वाला एनटीए में अधिकतर स्टाफ प्रतिनियुक्ति या कॉन्ट्रैक्ट पर हैं और काफी काम आउटसोर्सिंग के जरिए होता है।

representational image : PTI

प्रतीकात्मक तस्वीर । पीटीआई

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देश में करीब 15 से ज्यादा परीक्षाएं आयोजित करने वाली एनटीए स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। संसद में राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात सामने आई कि एनटीए में वर्तमान समय में कुल लगभग 200 से स्टाफ हैं, जिनमें अधिकतर प्रतिनियुक्ति या कॉन्ट्रैक्ट अथवा आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे हैं।

 

सदन में शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूदमदार द्वारा दिए गए उत्तर में कहा गया कि एनटीए के एक महानिदेशक हैं जो कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। इसके अलावा एनटीए में वर्तमान में 22 कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर, 38 कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर और आउटसोर्सिंग के तहत 138 स्टाफ काम कर रहे हैं। 

 

इसके अलावा मंत्री ने कहा कि 16 नए पदों का सृजन सरकार द्वारा किया गया है। इनमें से 8 डायरेक्टर या निदेशक स्तर की हैं और बाकी के 8 पद संयुक्त निदेशक स्तर के हैं।

एक करोड़ से ज्यादा अभ्यर्थी देते हैं परीक्षा

एनटीए हर साल एक करोड़ से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का आयोजन कराता है। यह दुनिया में चीन की परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी गाओकाओ के बाद इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का आयोजन कराने वाली दूसरी सबसे बड़ी संस्था है।

 

साल 2023 की बात करें तो एनटीए द्वारा कराई गई परीक्षाओं में करीब 1 करोड़ 23 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इस साल की बात करें तो नीट यूजी के लिए 23 लाख आवेदन किए गए। वहीं यूजीसी नेट के लिए 11 लाख, सीयूईटी यूजी और सीयूईटी पीजी के लिए क्रमशः लगभग 13 लाख व एक लाख आवेदन प्राप्त हुए।

NTA कैसे करता है काम

परीक्षा आयोजित कराने के लिए सबसे पहले एक्सपर्ट्स टेस्ट आइटम बनाते हैं। इसके बाद प्रश्नों को एक साथ मिलाकर उस पर विचार किया जाता है। इसके बाद टेस्ट डेवलपमेंट कमेटी इसकी जांच करती है। फिर पेपर लिखे जाते हैं। इसके फिर से पेपर की जांच की जाती है। फिर फाइनल पेपर बनता है।

 

एनटीए मुख्य रूप से पेपर बनाने का ही काम करता है। परीक्षा आयोजन करने का काम कंपनियों को टेंडर देकर किया जाता है। परीक्षा आयोजन का पूरा काम ये कंपनियां ही देखती हैं। इस तरह से परीक्षा कराने का पूरा काम आउटसोर्सिंग पर ही चलता है।

करीब 15 परीक्षाओं की जिम्मेदारी

एनटीए के ऊपर इतने कम स्टाफ के साथ 15 परीक्षाओं को आयोजित कराने की जिम्मेदारी है।

 

- सीयूईटी यूजी

 

- सीयूईटी पीजी

 

- यूजीसी-नेट

 

- ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE)

 

- कॉमन मैनेजमेंट टेस्ट (CMAT)

 

- जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (JNUET

 

- ICAR ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम

 

- होटल मैनेजमेंट ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन

 

- ग्रेजुएट फॉर्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट

 

- IIFT एंट्रेंस एग्जामिनेशन

 

- इग्नू पीएचडी एवं OPENMAT (MBA) एंट्रेंस एग्जाम

 

- ज्वाइंट सीएसआईआर-नेशनल एलबिजिबिलटी टेस्ट

 

- दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट

 

- एनुअल रिफ्रेशर प्रोग्राम इन टीचिंग

 

- स्टडी वेब ऑफ एक्टिव लर्निंग बाई यंग एंड एस्पायरिंग माइंड्स (SWAYAM) एग्जाम

2018 में हुआ था गठन

एनटीए का गठन साल 2018 में अमेरिका के ईटीएस (एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस) की तर्ज पर हुआ था। अमेरिका में ईटीएस कॉलेज में एडमिशन के लिए परीक्षाएं करवाता है और इसमें करीब 200 स्टाफ है, जबकि एनटीए में स्टाफ की संख्या काफी कम है।

लगते रहे हैं गड़बड़ी के आरोप

साल 2018 में इसके गठन के बाद से ही एनटीए पर गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं। साल 2019 में जेईई मेन्स के दौरान परीक्षार्थियों को सर्वर में खराबी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसी तरह से 2020 में नीट यूजी में भी एनटीए पर सवालिया निशान लगाए गए थे और परीक्षा में अनियमितता की शिकायतें आई थीं।

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