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पाकिस्तान के हमले में अनाथ हुए 22 बच्चे, राहुल गांधी लेंगे 'गोद'

जम्मू और कश्मीर कांग्रेस के मुखिया तारिक हमीद कर्रा ने कहा है कि जब तक बच्चे ग्रेजुएट नहीं हो जाते, उनकी पढ़ाई का खर्च राहुल गांधी उठाएंगे।

Rahul Gandhi

कांग्रेस नेता राहुल गांधी। (Photo Credit: PTI)

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6 से 7 मई की दरमियानी रात, जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, तब पाकिस्तानी गोलीबारी में कई भारतीय आम नागरिक मारे गए थे। ये लोग, जम्मू और कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में बसे थे। हमले में कई बच्चों ने अपने अभिभावकों को खो दिया था, अनाथ हो गए। राहुल गांधी, इन बच्चों को अब गोद लेंगे। जम्मू और कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा है कि राहुल गांधी, 22 बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएंगे। 

पुंछ में पाकिस्तान की गोलीबारी में करीब 22 बच्चे अनाथ हुए थे। उनके मां-बाप घर में इकलौते कमाने वाले थे। अब उन्हीं बच्चों की जिम्मेदारी राहुल गांधी ने उठाने की ठानी है। बुधवार को उन्हें मदद की राशि भी मिल जाएगी, जिससे बच्चे, अपनी पढ़ाई-लिखाई पूरी कर सकें। जब तक बच्चे ग्रेजुएट नहीं हो जाएंगे, तब तक यह राशि मिलती रहेगी।

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राहुल गांधी ने मई में ही किया था पुंछ का दौरा 

हामिक कर्रा ने कहा कि राहुल गांधी, मई में पुंछ आए थे। उन्होंने स्थानीय नेताओं से प्रभावित लोगों की एक लिस्ट बनाने के लिए कहा था। एक सर्वे कराया गया, कुछ बच्चों के नाम तय किए गए, क्रॉस चेकिंग हुई, सरकारी रिकॉर्ड से मिलान हुआ, फिर यह राशि तय की गई। 

पुंछ आकर क्या बोले राहुल गांधी?

राहुल गांधी क्राइस्ट पब्लिक स्कूल भी गए थे, जहां 12 साल के दो जुडवां बच्चों की मौत हो गई थी। उर्बा फातिमा और जैन अली हमले में मारे गे थे। उन्होंने कहा था, 'मुझे आप पर बहुत गर्व है। आप अपने छोटे दोस्तों को याद करते हैं, मुझे इस बात का बहुत दुख है। अभी आपको थोड़ा खतरा और डर महसूस हो रहा है, लेकिन चिंता न करें, सब कुछ सामान्य हो जाएगा। आपका जवाब यह होना चाहिए कि आप खूब मेहनत से पढ़ाई करें, खूब खेलें और स्कूल में ढेर सारे दोस्त बनाएं।'

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राहुल गांधी ने इस घटना को बहुत बड़ी त्रासदी करार दिया था। उन्होंने वादा किया था कि वह पीड़ितों की मांगों और मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे। 

पुंछ को कितना नुकसान हुआ था?

पुंछ में गोलीबारी से 28 लोग मारे गए, जिनमें से 13 अकेले पुंछ शहर से थे, और 70 से अधिक लोग घायल हुए। उन्होंने गीता भवन मंदिर, श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा और जिया उल अलूम का भी दौरा किया, जो गोलीबारी में क्षतिग्रस्त हुए थे। स्थानीय निवासियों डर गए थे। भीषण गोलीबारी दशकों बाद हुई थी। पाकिस्तान के ड्रोन, शहर के अंदर तक घुस आए थे। जम्मू-कश्मीर में बड़ा नुकसान हुआ था।  

 


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