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26/11 के 9 आतंकियों को 'निशान-ए-हैदर' दिलाना चाहता था तहव्वुर राणा!

पाकिस्तान का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार निशान-ए-हैदर तहव्वुर राणा की वजह से चर्चा में बना हुआ है। हमले के बाद तहव्वुर राणा ने हेडली से कहा था कि आंतकियों को निशान-ए-हैदर मिलना चाहिए।

tahawwur rana nishan e haider

पाकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, Photo Credit: x/ Social media

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तहव्वुर राणा ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को पाकिस्तान का सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'निशान-ए-हैदर' देने की मांग की थी। अमेरिकी विदेश विभाग की रिलीज रिपोर्ट के बाद इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंगामा मचा दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में आतंकी हमले के बाद तहव्वुर राणा ने अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली से कहा था कि ये आतंकी पाकिस्तान में सेना के सबसे बड़े पुरस्कार 'निशान-ए-हैदर' के काबिल हैं 
 

क्या है 'निशान-ए-हैदर'?

'निशान-ए-हैदर' पाकिस्तान का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो युद्ध में असाधारण वीरता दिखाने वाले सैनिकों को मरणोपरांत प्रदान किया जाता है। अब तक यह पुरस्कार केवल पाकिस्तान सेना के उन जवानों को दिया गया है जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी है। 16 मार्च, 1957 में इसकी स्थापना हुई थी। अब तक (2024 तक) 11 सैनिकों को यह सम्मान दिया गया है। ये सभी पाकिस्तान सेना के थे और अधिकतर को भारत के खिलाफ युद्धों में वीरता दिखाने के लिए यह सम्मान दिया गया। पाकिस्तान में यह पुरस्कार केवल सशस्त्र बलों के सदस्यों को दिया जाता है, चाहे वे किसी भी रैंक के हों।
 

विवाद की जड़

अमेरिकी न्याय विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, तहव्वुर राणा ने 26/11 हमलों के बाद हेडली से कहा था कि इन आतंकियों को 'निशान-ए-हैदर' मिलना चाहिए। उसने यह भी कहा कि भारतीय इस तरह के हमलों के 'हकदार' हैं। उसका यह बयान दर्शाता है कि वह आतकियों को वीर सैनिक मानता था, जबकि उन 9 आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी।  बता दें कि तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत 9 अप्रैल को लाया गया। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में रखा गया है। NIA उससे 26/11 हमलों की साजिश और पाकिस्तान के संभावित समर्थन के बारे में पूछताछ कर रही है।
 

इस बयान का असर और विवाद

यह बयान भारत के लिए बेहद आपत्तिजनक था, क्योंकि राणा एक ऐसे आतंकी को सम्मानित करने की बात कर रहा था जिसने देश पर हमला किया। ऐसे में सवाल खड़े होते है कि क्या पाकिस्तान के कुछ कट्टरपंथी तत्व आतंकियों को “हीरो” मानते हैं? हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।
 

'निशान-ए-हैदर' से सम्मानित सेना कौन-कौन?

कैप्टन राजा मुहम्मद सरवर
 
मेजर तुफैल मुहम्मद
 
मेजर राजा अज़ीज़ भट्टी
 
कैप्टन मुहम्मद सरवर शेर
 
लांस नायक मुहम्मद महफूज़
 
कैप्टन करनल शेर खान
 
हविलदार लाला
 
सिपाही अब्दुल मलिक
 
एयर कमांडर सरदार मेहर सिंह 
 
नाइक सैफ अली जान
 
हवलदार अब्दुल कादिर

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