logo

ट्रेंडिंग:

3 गिरफ्तार, कई की तलाश; दिल्ली में फर्जी नो-एंट्री स्टिकर रैकेट का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस ने फर्जी स्टिकर और ट्रांसपोर्टरों से जबरन वसूली करने वाले गैंग के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में नकदी और स्टिकर मिले हैं। इन फर्जी स्टिकर की मदद से व्यावसयिक मालवाहनों को नो-एंट्री में भी एंट्री दिलाई जाती थी।

Delhi News

सांकेतिक फोटो। (AI-generated image)

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Budget2

दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक धोखाधड़ी और जबरन वसूली में संलिप्त दो गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एक गिरोह अवैध स्टिकर रैकेट चला रहा था और दूसरा ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली में संलिप्त था। सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के दस्तावेज, 31 लाख रुपये की नकदी, छह मोबाइल फोन और 500 से ज्यादा फर्जी स्टिकर मिले हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिंकू राणा उर्फ ​​भूषण, सोनू शर्मा और मुकेश कुमार उर्फ ​​पकोड़ी के तौर पर हुई है।

 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक रिंकू राणा पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था। यह गिरोह नो-एंट्री टाइम में व्यावसायिक माल ढोने वाले वाहनों को फर्जी स्टिकर की मदद से एंट्री दिलाता था। एक स्टिकर के बदले प्रति वाहन 2,000 से 5,000 रुपये की वसूली की जाती थी। इन स्टिकरों को गलत तरीके से प्राधिकरण के तौर पर पेश किया जाता था, ताकि वाहनों को चालान से बचाया जा सके।

 

यह भी पढ़ें: तिरुवनंतपुरम में BJP की ऐतिहासिक जीत, UDF ने वाम दलों को किया साफ

ग्रुप में शेयर होती थी पुलिस की लोकेशन

दिल्ली पुलिस ने इसी साल अप्रैल महीने में एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी की शिकायत के बाद मामले की जांच तेज की। शिकायत में बताया गया कि एक व्यवसायिक वाहन पर फर्जी स्टिकर लगा था। उसने इसके सहारे चेकिंग से बचने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जानकारी साझा करते थे। 

 

सोशल मीडिया ग्रुप्स को सोनू शर्मा ऑपरेट करता था। इन्हीं ग्रुप के माध्यम से स्टिकर को बेचा जाता था। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस की हर गतिविधि की रियल टाइम जानकारी भी भेजी जाती थी।

 

यह भी पढ़ें: 5 बड़े हादसे जिसने देश को हिला कर रख दिया और सरकार पर लगाए सवालिया निशान

 

जबरन वसूली करने वाला पकोड़ी धरा गया

उधर, पुलिस ने राजकुमार उर्फ ​​राजू मीना के करीबी मुकेश कुमार उर्फ ​​पकोड़ी को दबोचा है। राजकुमार का गैंग ट्रांसपोर्टरों से जबरन वसूली करता था। जांच में सामने आया है कि राजकुमार के गैंग ने ड्राइवरों की तैनाती कर रखी थी। यह लोग जानबूझकर यातायात नियमों का उल्लंघन करते और चालान के दौरान पुलिस वालों की गुप्त रिकॉर्डिंग करते हैं। बाद में वीडियो से छेड़छाड़ करके इनका इस्तेमाल झूठे आरोप लगाकर पैसा वसूली में करते थे। 

 

दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए पकोड़ी को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत पहले भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस के मुताबिक ट्रैफिक फ्रॉड और जबरन वसूली से जुड़े तीन अलग-अलग संगठित अपराध गैंग से जुड़े कुल आठ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। बाकी की आरोपियों की तलाश जारी है।

 

Related Topic:#Delhi News

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap