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कौन हैं जस्टिस सूर्य कांत जो नियुक्त हुए 53वें चीफ जस्टिस

जस्टिस सूर्य कांत को 53वें सीजेआई के रूप में नियुक्त किया गया है। 24 नवंबर से वह पद ग्रहण करेंगे।

Justice Surya Kant। Photo Credit: X/@MumbaichaDon

जस्टिस सूर्य कांत । Photo Credit: X/@MumbaichaDon

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गुरुवार को जस्टिस सूर्य कांत को भारत का 53वां मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) नियुक्त किया गया। वे 24 नवंबर से पद संभालेंगे। केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की। जस्टिस सूर्य कांत जस्टिस भूषण आर गवई की जगह लेंगे, जो 23 नवंबर को पद छोड़ देंगे।


जस्टिस सूर्य कांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार जिले में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वे 24 मई 2019 से सुप्रीम कोर्ट के जज हैं। उन्होंने 20 साल से ज्यादा समय तक जज के रूप में काम किया है। उनके फैसले देश के बड़े मुद्दों पर आए हैं, जैसे आर्टिकल 370 हटाना, बोलने की आजादी, लोकतंत्र, भ्रष्टाचार, पर्यावरण और महिलाओं की बराबरी।

 

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क्या हैं उनके बड़े फैसले?

  • वे उस ऐतिहासिक बेंच का हिस्सा थे, जिसने उपनिवेशकाल के दौरान के राजद्रोह कानून पर रोक लगाया था। आदेश के मुताबिक इस कानून के तहत तब तक कोई नई एफआईआर दर्ज न की जाएगी जब तक कि सरकार इसकी दोबारा जांच न करे।

  • उन्होंने चुनाव आयोग को बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम हटाने की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा। इससे चुनाव में पारदर्शिता बढ़ी।

  • उन्होंने इतिहास रचा जब बार एसोसिएशन में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का आदेश दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन भी शामिल है।

  • 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा में सुरक्षा चूक की जांच के लिए पूर्व जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यों की कमेटी बनाई।

  • उन्होंने रक्षा बलों के लिए 'वन रैंक-वन पेंशन' (ओआरओपी) योजना को सही ठहराया। वे अभी भी महिलाओं के अधिकारों पर याचिकाएं सुन रहे हैं, जहां वे स्थायी कमीशन में बराबरी मांग रही हैं।

  • वह सात जजों की उस बेंच का हिस्सा थे, जिसने 1967 के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के फैसले को पलट दिया। अब संस्थान की अल्पसंख्यक स्थिति पर दोबारा विचार होगा।

  • पेगासस जासूसी मामले में उन्होंने साइबर एक्सपर्ट्स की कमेटी बनाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सरकार को खुली छूट नहीं मिल सकती।

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15 महीने रहेंगे सीजेआई

जस्टिस सूर्य कांत करीब 15 महीने तक सीजेआई रहेंगे। वे 9 फरवरी 2027 को 65 साल की उम्र पूरी होने पर पद छोड़ देंगे। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘संविधान की शक्ति से राष्ट्रपति ने जस्टिस सूर्य कांत को 24 नवंबर 2025 से मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।’ उन्होंने बधाई दी और शुभकामनाएं दीं।


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