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BJP सांसद सदानंदन मास्टर ने अपने दोनों पैर खोलकर संसद की मेज पर क्यों रख दिए?

राज्यसभा के मनोनीत सांसद सदानंदन मास्टर ने 31 साल पहले अपने साथ हुई घटना को याद किया। सीपीएम पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया। उनके खुलासे के बाद सदन में विपक्षी दलों ने हंगामा भी खूब किया।

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राज्यसभा सांसद सदानंदन मास्टर। ( Photo Credit: Sansad TV)

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संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा के मनोनीत सांसद सदानंदन मास्टर का एक वीडियो खूब वायरल हैं। इसमें सदानंदन मास्टर ने अपने दोनों आर्टिफिशियल पैरों को टेबल पर रख दिया। इसके बाद पूरे सदन को इसके पीछे की भयावह कहानी सुनाई, जिसके कारण उन्हें 31 साल पहले अपने दोनों पैर गंवाने पड़े। उन्होंने सीपीएम नेता और कार्यकर्ताओं पर इसका आरोप लगाया।

 

राज्यसभा में सांसद सदानंदन मास्टर ने सोमवार को कहा, 'सर, यह मेरे दोनों पैर हैं। मैं दो पैरों वाला एक मजबूत शख्स था, लेकिन मौजूदा वक्त में घुटनों के नीचे अब आर्टिफिशियल लिंब्स हैं। सदन में हर समय मैं लोकतंत्र के बारे में सुनता हूं। जो लोकतंत्र की आवाज उठा रहे हैं, इन्होंने 31 साल पहले मेरे ऊपर अटैक किया।'

 

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उन्होंने आगे कहा कि मैं अपनी बहन की शादी की बातचीत करके घर लौट रहा था। रास्ते में अपराधियों ने मुझे बस से उतारा और सड़क पर गिराकर दोनों पैरों को काट दिया। अब सोशल मीडिया पर राज्यसभा सांसद सदानंदन मास्टर का यही वीडियो खूब वायरल है। हालांकि वह जब सदन में बोल रहे थे तो विपक्षी दलों ने खूब हंगामा भी किया।

 

 

कौन हैं सदानंदन मास्टर?

पिछले साल जुलाई में सी. सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था। वे केरल के कन्नूर जिले से आते हैं। 25 जनवरी 1994 को उन पर जानलेवा हमला हुआ था। इसी हमले में उनके दोनों पैरों को काट दिया गया था। सेवानिवृत्त शिक्षक सदानंदन बीजेपी से भी जुड़े रहे। वे कुथुपरम्बा विधानसभा सीट पर दो बार बीजेपी की टिकट पर चुनाव भी लड़े। 

 

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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सदानंदन मास्टर ने गुवाहटी विश्वविद्यालय से बी. कॉम और कालीकट यूनिवर्सिटी से बी.एड की पढ़ाई की। उनका परिवार वामपंथी विचारधारा वाला था, लेकिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से उनका जुड़ाव संघ से हुआ। वे केरल बीजेपी के उपाध्यक्ष के अलावा केरल में नेशनल टीचर्स यूनियन के उपाध्यक्ष भी बने। 


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