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महाराष्ट्र: क्रिप्टो क्रिश्चियन पर रार, क्या है यह टर्म, CM डरे क्यों?

महाराष्ट्र में विधान परिषद सदस्य अमित गोरखे ने एक नई बहस छेड़ दी है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में कुछ समुदाय के लोग ईसाई धर्म अपना चुके हैं लेकिन कागजी तौर पर उन्होंने अपनी पहचान छिपाई है।

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। (AI Generated Image। Photo Credit: Sora)

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महाराष्ट्र की राजनीति में क्रिप्टो क्रिश्चियन पर रार मची हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन लोगों को क्रिप्टो क्रिश्चियन कह रहे हैं कि जो लोग ईसाई बन गए हैं लेकिन जातिगत आरक्षण का लाभ मिले, इसलिए कागजी तौर पर अपनी पहचान छिपा रहे हैं। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधान परिषद में कहा कि कुछ 'क्रिप्टो-क्रिश्चियन' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि जो लोग अपनी हिंदू और आरक्षित जाति की पहचान का गलत इस्तेमाल कर शिक्षा, नौकरी और चुनावी लाभ ले रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा जाएगी।

विधान परिषद में एमएलसी अमित गोरखे ने क्रिप्टो क्रिश्चियन पर सवाल उठाया था। उन्होंने विधान परिषद में जवाब मांगा था। जवाब में देवेंद्र फडणवीस ने अपनी बात रखी। दरअसल अमित गोरखे ने चिंता जताई थी कि कई क्रिप्टो क्रिश्चियन यह छिपाते हैं कि वे क्रिश्चियन हैं, खुद को क्रिश्चियन के तौर पर पेश करते हैं। 

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क्रिप्टो क्रिश्चियन का मुद्दा क्या है?

MLC अमित गोरखे ने विधान परिषद में एक सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति, जनजाति, घुमंतू और डिनोटिफाइड जनजाति समूह के कुछ लोग ईसाई बन गए हैं। वह असली जिंदगी में तो ईसाई रीति-रिवाज को मानते हैं। उनकी असली पहचान अंतिम संस्कार के वक्त सामने आती है, जब उन्हें ईसाई रीति से दफनाया जाता है। 

कहां लग रहे हैं  ऐसे आरोप?

अमित गोरखे ने दावा किया है कि नंदुरबार, सांगली और अहमदनगर जैसे जिलों में इस तरह का काम जोरों से हो रहा है। इसकी वजह से जो लोग असल में जरूरतमंद हैं, उन तक मदद नहीं पहुंच पाती। जरूरतमंद और वंचित समूहों को आरक्षण और सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।

देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?

देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा है कि अनुसूचित जाति का आरक्षण केवल हिंदुओं और हिंदू धर्म से निकटता वाले धर्मों, जैसे सिख और बौद्ध धर्म, को मिलता है, अन्य धर्मों को नहीं। 

 

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क्या कार्रवाई करेगी सरकार?

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'अगर इस नियम का उल्लंघन पाया गया, तो दोषी के खिलाफ सजा होगी और उनका जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिया जाएगा। अगर किसी ने इस तरह की धोखाधड़ी से सरकारी नौकरी हासिल की है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।'

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चुनाव लड़ने वालों के लिए भी यही नियम लागू होगा। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून पर विचार कर रही है। एक समिति ने इस बारे में अपनी रिपोर्ट सौंपी है। महाराष्ट्र सरकार जल्द ही इस पर फैसला ले सकती है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सरकार, स्वैच्छिक धर्मांतरण पर रोक नहीं लगाएगी। 

 


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