महाराष्ट्र में एक बार फिर बड़ी सियासी हलचल होने लगी है। अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) एक बार टूट चुकी है। पार्टी में दो फाड़ होकर एक एनसीपी और दूसरी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) बंट चुकी है। अब चर्चा है कि दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में टूट हो सकती है।
दरअसल, एनसीपी की बनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया गया है। उनके बड़े बेटे और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और छोटे बेटे जय पवार को राष्ट्रीय सचिव के तौर पर शामिल किया गया है।
इस लिस्ट में एनसीपी के बड़े नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल का नाम शामिल नहीं है। ऐसे में लिस्ट आने के बाद एनसीपी में बगावत हो सकती है। कहा जा रहा है कि एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने शरद पवार से मुलाकात की है। अजित पवार के साथ पार्टी तोड़कर एनसीपी में आए दिग्गज नेता फिर से शरद पवार के साथ जा सकते हैं।
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'बीजेपी से लड़ेंगे NCP के 22 विधायक'
इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक और 'पवार परिवार' के सदस्य रोहित पवार ने बुधवार को दावा किया कि वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और एनसीपी के प्रतिद्वंद्वी गुट के 22 विधायक अगला चुनाव बीजेपी के टिकट पर लड़ेंगे। हालांकि, एनसीपी के एक प्रवक्ता ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी एकजुट है।
सुनील तटकरे-प्रफुल पटेल कहां जाएंगे?
रोहित पवार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान एनसीपी में सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल के दर्जे के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'चाहे कुछ भी हो जाए, वे बीजेपी से ही चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने फैसला कर लिया है और बाकी 22 विधायक भी। उनके साथ, एकनाथ शिंदे के कुछ विधायकों ने भी मन बना लिया है कि वे (बीजेपी में) शामिल हो जाएंगे।'
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एनपीसी ने क्या कहा?
विधायक रोहित पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एनपीसी के प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा कि रोहित पवार सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एनसीपी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट है। सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पार्टी के बड़े नेता हैं। पार्टी में किसी तरह की नाराजगी नहीं है।'
महाराष्ट्र की सियासत में होगा उलटफेर
जुलाई 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन हो गया था। एक गुट अजित पवार और दूसरा गुच शरद पवार का बना। महाराष्ट्र सरकार में शामिल होकर एनसीपी शरद पवार की पार्टी से ज्यादा ताकतवर रही। ऐसे में सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाराजगी के बीच रोहित पवार का दावा एनसीपी में बड़ा बदलाव कर सकता है। इसके साथ ही महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर से उलटफेर हो सकता है।