तमिलनाडु में विजय जोसेफ उर्फ थलपति विजय की आंधी ने हर किसी को हैरान कर दिया। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने विजय की पार्टी तमिलागा वेट्री कझगम (TVK) को सबसे बड़ी पार्टी तो बनाया लेकिन वह बहुमत से 10 सीट दूर रह गई। अब स्थिति ऐसी है कि विजय को 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों के समर्थन का एलान भी कर दिया है। लेफ्ट और कई अन्य दल भी समर्थन को सहमत हो सकते हैं। इस बीच सबसे चौंकाने वाली खबर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) की ओर से आई है। AIADMK की एक नेता ने कहा है कि बात चल रही है और विजय का समर्थन किया जा सकता है।
108 सीटें जीतने वाली TVK को 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं और उन्होंने बहुमत साबित करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा है। इस बीच उनकी पार्टी की ओर से कई दलों से संपर्क किया जा रहा है। लेफ्ट के दल, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और कांग्रेस पहले तो सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) यानी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) की अगुवाई वाले गठबंधन का हिस्सा थे लेकिन अब इसमें से कई दल TVK के साथ खड़े होते दिख रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि विजय को छोड़कर कोई भी दूसरा दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है।
AIADMK भी देगी विजय का साथ?
इस बीच AIADMK की नवनिर्वाचित विधायक लीमा रोज मार्टिन ने मंगलवार को दावा किया कि पार्टी महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी टीवीके को स्थिर सरकार बनाने में समर्थन देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने लालगुडी में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत चल रही है। बता दें कि लीमा रोज 'लॉटरी किंग' सैंटियागो मार्टिन की पत्नी हैं और उन्होंने तिरुचि ज़िले के लालगुडी विधानसभा क्षेत्र में एक कड़े मुकाबले में जीत हासिल की है। उनके दामाद आधव अर्जुन हैं, जो टीवीके के टिकट पर चेन्नई के विल्लीवाक्कम विधानसभा क्षेत्र से जीते हैं।
आधव अर्जुन TVK के प्रमुख नेताओं में से हैं और वह विजय के करीबियों में भी शामिल हैं। वहीं, मार्टिन परिवार भी इस बार तमिलनाडु-पुडुचेरी की राजनीति में काफी सक्रिय हो गया है। लीमा रोज तमिलनाडु से AIADMK के टिकट पर विधायक बनी हैं। उनके बेटे पुडुचेरी से अपनी नई पार्टी के विधायक बने हैं और दामाद आधव अर्जुन टीवीके के विधायक बन गए हैं।
कांग्रेस ने किया समर्थन का एलान
उधर, तमिलनाडु में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने विजय के समर्थन का एलान कर दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार देर रात हुई एक मीटिंग के बाद बताया कि विजय ने कांग्रेस से समर्थन मांगा है और उन्होंने अपने मिशन में कामराज से प्रेरणा लेने की बात कही है। वेणुगोपाल ने कहा है, 'तमिलनाडी की राजनीतिक स्थिति के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, इनचार्ज गिरीश चोडनकर की मौजूदगी में एक मीटिंग हुई। कांग्रेस स्पष्ट है कि तमिलनाडु ने एक सेक्युलर सरकार बनाने के लिए मतदान किया है और हम संविधान की रक्षा करने के प्रति समर्पित हैं। कांग्रेस चाहती है कि बीजेपी और उसके प्रॉक्सी तमिलनाडु में किसी भी तरह से सरकार न बना पाएं।'
उन्होंने आगे कहा है, 'कांग्रेस नेतृत्व ने तमिलनाडु कांग्रेस को निर्देश दिए हैं कि राज्य के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए वह आखिरी फैसला करें।' सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख नेताओं की मंगलवार रात हुई एक ऑनलाइन बैठक में इस पर सहमति जताई गई कि विजय को 'धर्मनिरपेक्ष सरकार' के गठन के लिए समर्थन देना चाहिए। अभी इस बात को लेकर मंत्रणा जारी है कि विजय के साथ जाने की स्थिति में सरकार का बाहर से समर्थन करना है या फिर सरकार का हिस्सा बनना है।