आज सुबह महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की मौत हो गई। इस हादसे में अजीत पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई है। हादसा इतना भयावह था कि प्लेन क्रैश होते ही कई धमाके हुए और प्लेन में भीषण आग लग गई। हादसे के बाद चारों तरफ मलबा दिखाई दिया। इस घटना के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि हादसे के पीछे क्या वजह रही होगी। अब डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने बताया है कि यह हादसा क्यों और कैसे हुआ।
डीजीसीए ने बताया कि पायलटों को लैंडिग का प्रयास करते समय रनवे पहचानने में परेशानी हुई। इसके बाद विमान ने एक चक्कर हवा में लगाया। डीजीसीए ने बताया कि लैंडिंग के पहले प्रयास में पायलटों को रनवे दिखाई नहीं दिया। इसलिए उन्होंने गो-अराउंड किा और लैंडिक का दूसरा प्रयास किया। इस दौरान पायलटों ने कोई मेडे कॉल नहीं की।
हादसे की पूरी टाइमलाइन
- VSR एविएशन का लियरजेट 45 XR का प्लेन मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था। इसके बाद प्लेन ने 8 बजकर 18 मिनट पर बारामती में संपर्क किया। इसके कुछ समय बाद प्लेन ने पुणे अप्रोच से निकलने के बाद 30 नॉटिकल मील की दूरी पर अंदर आने की सूचना दी।
- क्रू के मेंबर्स को पायलट की समझ के अनुसार अगर रनवे विजिबल हो तो नीचे उतरने की सलाह दी गई। क्रू मेंबर्स को बताया गया कि विजिबिलिटी करीब 3,000 मीटर है।
- प्लेन ने पहले रनवे 11 पर उतरने की कोशिश की। इस दौरान प्लेन ने रनवे ना दिखाई देने की सूचना दी और गो-अराउंड किया।
- गो अराउंड के बाद, प्लेन से उसकी स्थिति के बारे में पूछा गया और क्रू ने रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर रिपोर्ट किया।
- उनसे रनवे दिखाई देने पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। उन्होंने जवाब दिया कि रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, जब रनवे दिखाई देगा तो कॉल करेंगे। कुछ सेकंड बाद उन्होंने बताया कि रनवे दिखाई दे रहा है।
- इसके बाद सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर प्लेन को लैंडिंग की अनुमति दी गई लेकिन लैंडिंग क्लीयरेंस का रीडबैक नहीं दिया गया।
- इसके कुछ ही पलों बाद रनवे 11 के किनारे के पास आग की लपटें देखी गईं। डीजीसीए ने बताया कि प्लेन का मलबा रनवे के बाईं ओर किनारे के सामने मिला। इसके बाद इमरजेंसी सर्विस को अलर्ट किया गया और दुर्घटना स्थल पर भेजा गया।
हादसे की जांच शुरू
AAIB ने इस हादसे की जांच अब अपने हाथ में ले ली है। AAIB के डीजी जांच के लिए दुर्घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं। डीजीसीए ने अपने बयान में कहा है कि जांच के बाद जो भी जानकारी सामने आएगी वह शेयर की जाएगी।