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'दिमाग में पाकिस्तानी चिप है', कांग्रेस और केजरीवाल पर अनिल विज का तंज

अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता खाते-पीते भारत में हैं लेकिन भाषा पाकिस्तान की बोलते हैं।

Anil Vij । Photo Credit: PTI

अनिल विज । Photo Credit: PTI

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हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। विज ने खेड़ा की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं का दिमाग ‘पाकिस्तानी चिप’ की तरह प्रोग्राम्ड है। उन्होंने कहा कि ये कांग्रेस नेता भारत में रहते और फलते-फूलते हैं, लेकिन उनकी सोच पाकिस्तान जैसी है। इनमें और पाकिस्तान में कोई अंतर नहीं है।’

 

दरअसल, पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए केंद्र सरकार से कई गंभीर सवाल उठाए थे। खेड़ा ने पूछा था, ‘2023 में पुंछ हमले, 2 अक्टूबर 2024 को गांदरबल घटना और अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों का क्या हुआ? वे अब कहां हैं? भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर समझौते की शर्तें क्या थीं? हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकी कैसे बच निकले? ये गंभीर मामले हैं, जिन पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।’ खेड़ा के इन सवालों को विज ने देश की सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास करार दिया।

 

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‘दिल्ली से ज्यादा बुरा हाल पंजाब में होगा’

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी, ‘मैं बनिया का बेटा हूं, पैसे कहीं से भी ले आऊंगा,’ पर भी विज ने तंज कसा। उन्होंने केजरीवाल को ‘जुमलेबाज’ करार देते हुए कहा, ‘पैसे तो सरकार लेकर आती है।जब देश में इतनी बड़ी घटना हुई, जो युद्ध से कम नहीं थी, तो केजरीवाल कई दिनों तक चुप रहे। उस वक्त वे कहीं नजर नहीं आए। अब अचानक बोलने लगे हैं। आप बिना सोचे-समझे घोषणाएं करते हो। दिल्ली में उनकी जैसी हालत हुई, पंजाब में उससे भी बदतर होगी।’

 

 

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब देश आतंकी हमलों और सीमा पर तनाव जैसे मुद्दों से जूझ रहा है। खेड़ा के सवालों ने जहां केंद्र सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाए, वहीं विज के बयानों ने विपक्षी नेताओं की मंशा पर सवाल खड़े किए। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या यह बयानबाजी केवल राजनीतिक लाभ के लिए है या वास्तव में देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाने की जरूरत है।

 

 

इस बीच, जनता के बीच भी इन बयानों को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग खेड़ा के सवालों को जायज मान रहे हैं, तो कुछ विज के कड़े रुख का समर्थन कर रहे हैं। 

 


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