बिहार के नालंदा जिले के एक गांव में बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई क्योंकि बच्चे ने पेड़ से गिरे नींबू उठा लिए थे। बच्चा गांव में खेल रहा था, उसी दौरान वह पेड़ के नीचे गिरे हुए नींबू उठा रहा था। तभी पेड़ के मालिक ने बच्चे पर लाठियों की बरसात कर दी, जिससे बच्चे का सिर फट गया। जब परिवार बच्चे को अस्पताल ले जा रहा था, तभी बच्चे की मौत हो गई। परिवार ने पेड़ के मालिक के खिलाफ विरोध किया। उसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंचकर झगड़ा रोकने की कोशिश करने लगी। पुलिस अधिकारियों का यह कदम उन्हीं पर भारी पड़ गया क्योंकि गांव वालों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया।
यह घटना नालंदा के पास सकरावां गांव की है। जहां 12 मई के दिन पेड़ के मालिक ने बच्चे को बेरहमी से पीटा था। मृत बच्चे का नाम शुभम कुमार उर्फ झगरू है, जबकि पिटाई करने वाले आरोपी का नाम गोरख मियां है। पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच-पड़ताल कर रहे हैं। साथ ही पुलिस पर हमला करने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं शुभम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने अभी तक शुभम की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। इसके अलावा आरोपी को पुलिस संरक्षण भी दिया गया है।
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पुलिस अधिकारियों पर लोगों का आक्रोश क्यों?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित शुभम का शव गांव में लाया गया तो पूरे गांव के लोगों ने गोरख मियां का विरोध किया, जिससे गांव में लड़ाई-झगड़े का माहौल बन गया। इसके बाद गांव में पुलिस टीम पहुंची ताकि झगड़ा रोका जा सके।
गांव के लोगों को पुलिस की दखलअंदाजी पसंद नहीं आई। इसी वजह से गांव के कुछ लोगों ने पुलिस अधिकारियों पर पत्थर फेंके। इसमें न सिर्फ पुलिसकर्मियों को चोट लगी बल्कि पुलिस की गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। इसके बाद पुलिस ने गांव के लोगों पर लाठीचार्ज किया। इस मामले के बाद गांव का माहौल खराब हो गया है। ऐसे में पुलिस ने आरोपी के घर के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है ताकि उस पर हमला न हो। इसी वजह से गांव के लोगों को शक है कि पुलिस पीड़ितों के बजाय आरोपी के संरक्षण में जुटी है।