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निराश्रित बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग ने लगवाई संगम में डुबकी

इस साल के महाकुंभ में स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ी है। लोग तमाम समस्याओं से भी दो-चार हो रहे हैं, ऐसे में यूपी के समाज कल्याण विभाग ने एक अनोखी पहल की है।

old people taking holy dip in mahakumbh

महाकुंभ में स्नान करते निराश्रित बुजुर्ग, Photo Credit: Khabargaon

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दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन महाकुंभ में 45 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है। प्रयागराज शहर में श्रद्धालुओं की बढ़ती असीमित संख्या और जाम की स्थिति में संगम क्षेत्र पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाना काफी मुश्किल हो रहा है ऐसे में निराश्रित वृद्धजनों का संगम तक पहुंचाकर स्नान करवाना काफी पुण्य और सराहना का कार्य है और इस कार्य को समाज कल्याण विभाग ने करके दिखाया है।

 

महाकुंभ में समाज कल्याण विभाग ने एक अनूठी पहल करते हुए देवरिया, बहराइच, अमरोहा और बिजनौर के वृद्धाश्रमों में निवास करने वाले 95 वरिष्ठजनों को महाकुंभ नगर तक पहुंचाकर सुरक्षित तरीके से पवित्र संगम स्नान करने करवाया है। इतना ही नहीं इन वरिष्ठजनों के लिए आवागमन, भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की निःशुल्क व्यवस्था भी की है।

 

समाज कल्याण विभाग ने की पहल

 

बता दें कि प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित वरिष्ठजनों के कल्याण हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के निर्देश पर मंगलवार को संगम स्नान के लिए विशेष यात्रा काफिला के रूप में इन वरिष्ठजनों को उनके संबंधित जनपदों से विभागीय अधिकारियों की देखरेख में विशेष बसों से महाकुंभ नगर लाया गया। कुंभ क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित अस्थायी आश्रम में उन्हें ठहराया गया, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं इन्हें दी गई। मंगलवार को स्नान के बाद वरिष्ठजनों ने आध्यात्मिक वातावरण में ध्यान और भजन-कीर्तन का आनंद लिया।

 

महाकुंभ 2025 के दौरान पहली बार समाज कल्याण विभाग ने कुंभ क्षेत्र में अस्थायी आश्रम की स्थापना की है, जिसकी क्षमता 100 बेड की है। इस आश्रम में ठहरने वाले वरिष्ठजनों को तीनों समय निःशुल्क भोजन दिया जा रहा है। साथ ही, उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए डॉक्टरों की टीम भी तैनात की गई है। आश्रम में वरिष्ठजनों की दिनचर्या स्वस्थ और आध्यात्मिक बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। हर दिन सुबह योग और ध्यान सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त महसूस कर सकें। सायं समय भजन-कीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया जाता है, जिसमें वृद्धजन श्रद्धा और उत्साह से भाग लेते हैं।

 

समाज कल्याण विभाग के इस प्रयास से महाकुंभ में एक सकारात्मक सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिल रहा है। वृद्धजन इस सेवा से अभिभूत हैं और सरकार के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं।

बता दे कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 के शुरू होने से पहले ही उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थापित निराश्रित वृद्धाआश्रमों से सूची बनाने को कहा था जब संगम में आस्था की डुबकी लगाना चाहते हैं उनके लिए सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग को बजट भी जारी किया गया ।

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