महाराष्ट्र में जल्द ही जिला परिषद के चुनाव होने वाले हैं। सभी दल इसके लिए प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने विपक्षी शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) के लिए कुछ ऐसा कह दिया है जो अब चर्चा का विषय बन गया है। अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले नितेश राणे ने कहा है कि अगर जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में शिवसेना (UBT) गुट के उम्मीदवार जीते तो उनके इलाके का विकास फंड रोक दिया जाएगा।
मामला 7 फरवरी को होने वाले चुनावों से जुड़ा है। राज्य में 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समितियों के लिए वोटिंग होने वाली है और नतीजे 9 फरवरी को आएंगे। रविवार को सिंधुदुर्ग जिले के कंकावली के फोंडा इलाके में चुनावी जनसभा थी। इसी जनसभा में पहुंचे नितेश राणे शिवसेना (UBT) पर जमकर बरसे।
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क्या बोले नितेश राणे?
इस जनसभा में नितेश राणे ने कहा, 'मैं चुनाव चिह्न देखकर ही पैसा रिलीज करता हूं। अगर कमल (BJP का चिह्न) या धनुष–बाण (शिवसेना का चिह्न) दिखा तो फंड तुरंत मंजूर होगा लेकिन अगर गलती से भी जलती हुई मशाल (शिवसेना-UBT का चिह्न) दिखी तो पहले से मंजूर रकम में भी कटौती हो सकती है।'
नितेश राणे यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि यही फॉर्मूला ग्राम पंचायत चुनावों में भी अपनाया गया था। उन्होंने कहा, 'हमने सरपंचों को साफ चेतावनी दी थी कि ग्राम पंचायत हमें सौंप दो, वरना एक रुपया नहीं मिलेगा और नतीजा देखिए, सब सरपंच हमारे साथ आ गए।' उन्होंने यह भी दावा किया कि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव एकतरफा हो रहे हैं। उनके मुताबिक मतदाता खुद पूछ रहे हैं कि जब जीत तय है तो विपक्ष को वोट क्यों दें।
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क्या विकास चुनाव चिह्न से तय होगा?
नितेश राणे ने कहा, 'ये चुनाव उनके सांसद पिता नारायण राणे के नेतृत्व में लड़े जा रहे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि अगले पांच साल तक जिला उन्हीं के कंट्रोल में रहेगा। हम चिंतित नहीं हैं, उनके (उद्धव ठाकरे के) उम्मीदवार प्रचार में दिख ही नहीं रहे। कुछ तो ऐसे हैं जैसे छिपे हुए हों।' उन्होंने अंत में तंज भी दे मारा और कहा, 'चुनाव के बाद, उन्हें पैसे के लिए फिर हमारे पास ही आना पड़ेगा।'