logo

मूड

ट्रेंडिंग:

गर्लफ्रेंड को IPS बनाने के लिए उठाई कांवड़? अब सामने आया सच

कांवड़ यात्रा के बीच एक ऐसा शख्स चर्चा में आया है जो अपनी प्रेमिका को IPS बनाने का सपना लेकर जल चढ़ाने जा रहा है। यह शख्स 121 लीटर गंगाजल लेकर पैदल चल रहा है।

Representational Image । Photo Credit: PTI

कांवड़ उठाए हुए राहुल । Photo Credit: X

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

कांवड़ यात्रा को लेकर मीडिया में सुर्खियां बनी हुई हैं और इस पर चर्चाएं जोर पर हैं। नेम प्लेट लगाने से लेकर और अन्य कारणों को लेकर राजनीति गर्म है, लेकिन इसी बीच एक कांवड़ यात्री राहुल को लेकर एक गलत खबर भी वायरल हो गई। मीडिया में राहुल को लेकर एक खबर चलने लगी कि वह अपनी गर्लफ्रेंड को आईपीएस बनाने के लिए कांवड़ यात्रा उठा रहे हैं। राहुल के मुताबिक जब उन्हें पता चला कि उनके बारे में ऐसी खबर चल रही है तो वह काफी परेशान हो गए और उन्हें अपनी यात्रा को बीच में ही बंद करना पड़ा।

 

राहुल का कहना है कि एक न्यूज पेपर ने उनकी कांवड़ यात्रा को गर्लफ्रेंड को आईपीएस बनाने से जोड़ दिया जबकि उन्होंने कांवड़ यात्रा गौमात को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाए जाने के लिए शुरू की थी। उनका कहना है कि यह उनकी आस्था का मजाक है। उन्होंने इस खबर से जुड़े सभी खबरों को डिलीट करने के लिए भी कहा है।

 

राहुल का कहना है कि वह इसकी शिकायत करेंगे और जब तक उनकी समस्या का निदान नहीं हो जाता तब तक वह अपनी कांवड़ यात्रा को आगे नहीं बढ़ाएंगे। उनका कहना है कि यह उनकी आस्था का मजाक है और यह खबर वायरल होने की वजह से उनका चलना मुश्किल हो रहा है और लोग जगह जगह पर उन्हें रोक ले रहे हैं।

क्या छपी थी खबर

मीडिया में खबर छपी थी कि वह यह यात्रा अपनी गर्लफ्रेंड को आईपीएस बनाने के लिए कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक राहुल ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि यह उनकी चौथी कांवड़ यात्रा है। इस बार उन्होंने 121 लीटर गंगाजल लेकर हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू की। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी उन्होंने 101 लीटर की कांवड़ उठाई थी।

 

यह भी पढ़ेंः कांवड़ यात्रा: तीर्थयात्रा में कहां से 'घुसपैठ' कर बैठती है सियासत?

11 जुलाई से शुरू होगा

सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। सावन के महीने में लोग कांवड में गंगाजल लेकर भगवान शंकर पर जल चढ़ाते हैं। इस दौरान कांवड़ यात्रियों को काफी लंबी यात्रा करनी पड़ती है।

 

यह भी पढ़ें: क्रांति का केंद्र रहा औघड़नाथ मंदिर है कांवड़ यात्रा का मुख्य पड़ाव

 


और पढ़ें