logo

मूड

ट्रेंडिंग:

हिंदू त्योहारों पर कोई छूट दी? रमजान में स्कूलों की स्पेशल टाइमिंग पर भड़की BJP

कर्नाटक सरकार ने रमज़ान महीने को देखते हुए उर्दू मीडियम जूनियर, सीनियर और हाई स्कूलों के स्कूलों के समय में बदलाव किया है।

Karnataka urdu minority school timing

प्रतीकात्मक तस्वीर। Photo Credit- Social Media

शेयर करें

google_follow_us

इस महीने की 17 तारीफ से रमज़ान शुरू हो रहे हैं। इस इस्लामिक पवित्र महीने को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने उर्दू मीडियम के स्कूलों के समय में बदलाव किया है। उर्दू और अन्य अल्पसंख्यक भाषा स्कूलों के निदेशालय के एक निर्देश के मुताबिक रमज़ान के महीने में कर्नाटक में उर्दू मीडियम जूनियर प्राइमरी और सेकेंडरी प्राइमरी स्कूलों के बंद होने का समय एक महीने के लिए सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा।

 

निर्देश में कहा गया, 'राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त उर्दू मीडियम जूनियर, सीनियर और हाई स्कूलों के स्कूल टर्म शेड्यूल में 2025-26 के लिए रमज़ान का महीना शुरू होने की तारीख से 20 मार्च तक बदलाव किया गया है।'

 

 

 

बीजेपी का कांग्रेस पर हमला

रमज़ान महीने को देखते हुए लिए गए इस फैसले को लेकर सियासत शुरू हो गई है। इस मामले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस सरकार को घेरा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'अब हम देख रहे हैं कि कर्नाटक में रमज़ान के दौरान स्कूलों का समय अलग होगा, लेकिन क्या कर्नाटक सरकार ने किसी हिंदू त्योहार के दौरान ऐसी कोई छूट दी है? आप कह रहे हैं कि रमज़ान के दौरान टीचर और स्टाफ जल्दी जा सकते हैं, लेकिन क्या आप नवरात्रि के दौरान भी ऐसा ही करेंगे?'

 

 

 

 

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस हमेशा अपने वोट बैंक को पहले रखती है। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के पास संविधान के हिसाब से चीजों को निष्पक्ष और समान रूप से करने का विजन नहीं है और यही बात कर्नाटक में बार-बार देखी गई है।

कांग्रेस का बीजेपी का जवाब

वहीं, रमज़ान के मद्देनजर उर्दू स्कूलों के टाइमिंग में बदलाव को लेकर बीजेपी द्वारा कर्नाटक के शिक्षा विभाग की आलोचना करने पर कर्नाटक के मंत्री संतोष लाड ने बीजेपी को जवाब दिया। संतोष लाड ने कहा, 'उनके पास बात करने के लिए और भी बड़े मुद्दे हैं। उन्हें ईरान पर बोलना चाहिए... वे सिर्फ उर्दू, बांग्लादेश, पाकिस्तान, मुसलमानों के बारे में बोलना चाहते हैं। वे बांग्लादेश को 50 रुपये में फ्यूल क्यों दे रहे हैं? अब कौन तुष्टिकरण कर रहा है?


और पढ़ें