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क्या है खट्टर का 'यूथ मॉडल', जिसके सहारे निकाय चुनावों में उतरेगी BJP?

मनोहर लाल खट्टर अब केंद्रीय राजनीतिक में भले ही उतर गए हों लेकिन हरियाणा में उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। 2 बार के मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल खट्टर ने निकाय चुनावों से पहले बड़े जिम्मेदारी उठाई है।

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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, युवाओं को देंगे आत्मनिर्भरता का मंत्र। (तस्वीर- फेसबुक, बीजेपी)

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हरियाणा में निकाय चुनावों से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता मनोहर लाल खट्टर सक्रिय हो गए हैं। उनकी टीम युवाओं से सीधे संवाद करेगी, जिससे पार्टी की जड़ें निकाय चुनावों से पहले और मजबूत हों। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर युवाओं से मिलेंगे, उन्हें कौशल और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने की दिशा देंगे।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होहतक जिले में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में युवा गौरवशाली समारोह में हिस्सा लेंगे और युवाओं को जीवन के अहम मंत्र देंगे। वे स्वाभिमान और सम्मान की राह पर आगे बढ़ने के लिए उन्हें सही नजरिया देने की तैयारी कर रहे हैं। उनके इस कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से युवा उद्यमी, खिलाड़ी और सरपंच शामिल होने वाले हैं।

बीजेपी का यूथ पर फोकस क्यों?
हरियाणा युवाओं का प्रदेश है। यहां 94 लाख से ज्यादा युवा वोटर हैं। विधानसभा चुनावों में युवाओं में वोटिंग को लेकर क्रेज नजर आया था। ऐसे में बीजेपी निकाय चुनावों में भी युवाओं का समर्थन हासिल करना चाहती है। कॉलेज जाने वाले छात्रों पर भी बीजेपी पकड़ बनाना चाह रही है। बीजेपी ने बेरोजगार युवाओं के लिए भत्ते का ऐलान किया था। ऐसे में दोबारा उन्हें भरोसे में लेने के लिए बीजेपी मनोहर लाल खट्टर को आगे कर रही है।

खट्टर को क्यों उतरना पड़ा?
मनोहर लाल खट्टर युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय रहे हैं। उन्होंने युवाओं के लिए मिशन मेरिट मॉडल तैयार किया था। उनकी सरकार में नौकरियों की जटिलता कम करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर प्राइवेट कंपनियों में भी स्थानीय लोगों को आरक्षण देने की पहल की शुरुआत की थी। युवाओं को उनकी कुछ पहल पसंद आई थी। 

रोजगार को लेकर उनकी सरकार खासा सक्रिय रही थी। 10 साल के शासन में 1 लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने के वादे को भी गति देने के लिए मनोहर लाल खट्टर ने काम किया था। यह प्रदेश, उनके राजनीतिक जीवन के लिए बेहद अहम है तो वे अपने राज्य में बीजेपी की जड़ें मजबूत करने की कोशिशों में लगे हैं। 

निकाय चुनाव के मुद्दे क्या हैं?
- बेरोजगारी 
- सीधी भर्ती
- युवाओं में नशे का बढ़ा चलन
- महंगाई
- नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना
-  मासिक भत्ता
-  उद्यमियों को प्रोत्साहन
- शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार
- रोजगार के सही अवसर


कब हैं हरियाणा में निकाय चुनाव?
हरियाणा के निकाय चुनावों की अभी तारीख चुनाव आयोग ने नहीं बताई है। सूत्रों के मुताबिक राज्य चुनाव आयोग 4 फरवरी से पहले चुनाव करा सकता है। पहले चरण के चुनाव में 3 नगर निगम, 3 नगर परिषद और 21 नगर पालिकाओं में चुनाव होंगे। दूसरे चरण में 5 नगर निगम, 1 नगर परिषद और एक नगर पालिका चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। 

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