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'सत्ता रहे चाहे जाए, वक्फ बिल मंजूर नहीं,' धरने पर बैठे तेजस्वी यादव

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ पटना में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में लालू यादव भी शामिल हुए हैं।

Tejashwi Yadav

इफ्तार पार्टी के दौरान तेजस्वी यादव। (Photo Credit: RJD)

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वक्फ संशोधन विधेयक पर बिहार की राजधानी पटना में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य धरने पर बैठे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के चीफ लालू यादव और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी कीमत पर वक्फ संशोधन विधेयक को कानून नहीं बनने देंगे, यह अल्पसंख्यक हितों के खिलाफ है।

तेजस्वी यादव ने कहा, 'इस बिल के खिलाफ सभी आवाम को, आज के इस धरना प्रदर्शन पर हम लोग धन्यवाद देना चाहते हैं कि आप लोग एकजुट होकर, अलोकतांत्रिक, असैंवाधिनक वक्फ बिल के विरोध में जुटे हैं। हम आप सबको बोल दें कि हमारी पार्टी, आरजेडी, हमारे नेता लालू प्रसाद यादव जी, बीमार अवस्था में आए हैं। हम आपके हाथों को मजबूत करने के लिए पहुंचे हैं।'

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'सत्ता रहे चाहे जाए, हमें वक्फ के खिलाफ'
तेजस्वी यादव ने कहा, 'हम किसी भी कीमत पर, चाहे सत्ता रहे या जाए, हम लोगों को परवाह नहीं है लेकिन यह गैर संवैधानिक बिल, अलोकतांत्रिक बिल का हमने सदन, संसद और विधानसभा में विरोध किया था। हम वक्फ बिल के खिलाफ सदन में कार्य स्थगन प्रस्ताव लेकर आए हैं। हमने सरकार के चर्चा कराने की मांग की। सदन को स्थगित करना पड़ा। आप लोगों की इस लड़ाई में, हम लोग मजबूती के साथ खड़े हैं। 





तेजस्वी यादव ने कहा, 'यह तानाशाही जिस तरह से सरकार चला रही है, देश को तोड़ने का काम कर रही है, लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हम संविधान को मानने वाले लोग हैं, गंगा जमुनी तहजीब को मानने वाले लोग हैं। किसी भी कीमत पर हम लोगों की कोशिश है कि यह बिल पास न हो।' 

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इफ्तार पार्टी में तेजस्वी यादव। (Photo Credit: RJD)

वक्फ विधेयक पर हंगामा क्यों बरपा है?
वक्फ संशोधन विधेयक में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं, जिन्हें लेकर सवाल उठ रहे हैं। नए विधेयक में वक्फ संपत्ति को जिला कलेक्टर के पास रजिस्टर करना अनिवार्य होगा। वक्फ के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया गया है, गैर मुस्लिम और महिला सदस्यों को भागीदारी दी गई है। दो गैर मुस्लिम और दो महिला सदस्यों को भी नियुक्त किया जाए।

वक्फ संपत्ति के तहत आने वाले जमीनों को अब तक ट्रिब्युनल तक ही लाया जा सकता था, नए कानून, इसे कोर्ट में खींचने की इजाजत देते हैं। नए कानून में वक्फ बाय यूजर के प्रावधान को भी खत्म कर दिया गया है। नए कानून में वक्फ के तहत संपत्ति दान करने वाले को 5 साल से प्रैक्टिसिंग मुस्लिम होना चाहिए।

वक्फ क्या है?
वक्फ, अल्लाह की संपत्ति है। जब कोई व्यक्ति, अपनी संपत्ति इस्लाम या अल्लाह के नाम करता है तो वह वक्फ की संपत्ति होती है। वक्फ के तहत आने वाली जमीनों को न खरीदा जा सकता है, न ही बेचा जा सकता है।  


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