शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ शनिवार को ले ली है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी भी अविवाहित हैं। उनके बाद बनने वाले सीएम शुभेंदु अधिकारी भी अविवाहित हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस वजह से शुभेंदु अधिकारी ने शादी नहीं की है।
शुभेंदु अधिकारी 2020 से पहले टीएमसी ( TMC) पार्टी का ही हिस्सा थे। उन्होंने 2020 में बीजेपी (BJP) पार्टी जॉइन की। शुभेंदु अधिकारी पहले ऐसे बीजेपी नेता हैं, जो पश्चिम बंगाल के सीएम बनने जा रहे हैं। देश की आजादी के बाद बीजेपी पार्टी को पहली बार पश्चिम बंगाल में इतनी बड़ी जीत मिली है। शुभेंदु अधिकारी का पूरा परिवार राजनीति से जुड़ा हुआ है। हाल ही में उनके भाई ने शादी की थी। शुभेंदु अधिकारी ने एक इंटरव्यू में शादी न करने की वजह भी बताई थी।
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शुभेंदु अधिकारी ने क्यों नहीं की शादी?
2021 में चुनाव के दौरान एक टीवी इंटरव्यू में शुभेंदु अधिकारी ने बताया था कि उन्होंने शादी न करने का फैसला क्यों लिया। इंटरव्यू के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सुशील धारा, सतीश सामंतो और अजय मुखर्जी जैसे नेताओं ने अपना पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया और शादी नहीं की है।
इसी विचार को अपनाकर शुभेंदु अधिकारी ने भी जीवनभर शादी न करने का फैसला लिया। साथ ही खुद को देश के प्रति समर्पित करने की ख्वाहिश जताई थी।इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि शादी न करने के कई फायदे हैं, जैसे घर-परिवार की जिम्मेदारी नहीं होती। उनके कोई बच्चे भी नहीं हैं, जो राजनीतिक ताकत का गलत इस्तेमाल करें।
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शुभेंदु अधिकारी के परिवार का राजनीतिक जुड़ाव
शुभेंदु अधिकारी के परिवार का राजनीति से गहरा ताल्लुक है। उनके पिता कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं, जबकि उनके भाई टीएमसी से सांसद रहे हैं। हालांकि पूरे परिवार में शुभेंदु अधिकारी एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें सीएम बनने का मौका मिला है। इसी के साथ यह बीजेपी पार्टी के लिए भी गौरव की बात है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहली बार बीजेपी का कोई उम्मीदवार सीएम बनने जा रहा है।