संजय सिंह, पटना। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती का बड़ा असर देखने को मिला है। अवैध करेंसी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 11 लाख रुपये की नेपाली और भारतीय मुद्रा जब्त की है। इस दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ जारी है।
एसपी के निर्देश पर विशेष अभियान
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, जितना थाना क्षेत्र में तैनात थानाध्यक्ष सुधीर कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से दो व्यक्ति अवैध रूप से भारी मात्रा में करेंसी लेकर भारत में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एसएसबी टीम के साथ समन्वय स्थापित किया गया और जियालाल चेक पोस्ट पर घेराबंदी कर दी गई।
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कुछ ही देर बाद दोनों संदिग्ध नेपाल की ओर से आते हुए नजर आए। जैसे ही वे चेक पोस्ट के पास पहुंचे, सुरक्षा बलों ने उन्हें रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान पहले संदिग्ध की पहचान नरेश कुमार गुप्ता के रूप में हुई, जो पूर्वी चंपारण जिले के शिकारगंज थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके बैग से 9,63,650 रुपये नेपाली करेंसी और 71,410 रुपये भारतीय करेंसी बरामद की गई।
नेपाल का रहने वाला है दूसरा संदिग्ध
वहीं दूसरे संदिग्ध जयलाल राम, जो नेपाल के बारा जिले का रहने वाला है, उसके पास से 1,10,000 रुपये नेपाली करेंसी मिली। बरामद सभी रकम को पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
प्राथमिक जांच में यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत तस्करी का नहीं, बल्कि एक बड़े अवैध करेंसी नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में करेंसी का स्रोत क्या है और इसका इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य के लिए किया जाना था। इसके साथ ही इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
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सीमा क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सुरक्षा एजेंसियां अब किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को लेकर बेहद सतर्क हैं। खासकर इंडो-नेपाल बॉर्डर, जो खुली सीमा होने के कारण अक्सर तस्करी और अवैध लेनदेन के लिए इस्तेमाल होता रहा है, वहां निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
जारी रहेगा अपराधियों के खिलाफ अभियान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे भी छापेमारी और जांच जारी रहेगी। यदि इस नेटवर्क के अन्य सदस्य सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार पेट्रोलिंग और इंटेलिजेंस इनपुट को मजबूत किया जा रहा है।